चिकित्सक ने साध लिया था निशाना, अंतिम समय में भाग गया गुलदार
नगीना-कोतवाली देहात के बीच गांव अलीपुर जट में बृहस्पतिवार को टीम ने गुलदार को ट्रेस कर लिया था। पूरा इंतजाम हो गया था और चिकित्सक ने ट्रैंक्यूलाइज गन को भी लोड कर लिया। निशाना भी लगभग साध लिया था। जैसे ही निशाना लगाते, ग्रामीणों का शोर सुनकर गुलदार भाग गया।
गुरुवार शाम करीब चार बजे विशेषज्ञों की टीम पगचिह्नों का पीछा करते हुए गांव अलीपुरा जट के तिराहे पर पहुंच गई। वहां आहट हुई तो समझने में देर न लगी कि गुलदार छिपा हुआ है। टीम ने सभी तैयारी पूरी कर ली, वहीं इस दौरान ग्रामीणों को भी गुलदार के वहां होने की खबर मिल गई।
उधर, गुलदार को बेहोश करने की तैयारी हो रही थी, वहीं ग्रामीण डंडे लेकर उधर की ओर चल दिए। निशाना लगाने से पहले ही गुलदार शोर सुनकर भाग गया। टीम गुलदार को पकड़ने के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।
गुलदार के हमले, गुलदार न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरपुर में 200 मीटर तक मिले नरभक्षी के पगचिह्न
इस बार वन विभाग की टीम को एक सफलता और मिल गई है। एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि बुधवार को सिकंदरपुर में विशेषज्ञों की टीम ने घटना स्थल के आसपास जांच की। वहां एक गुलदार के पगचिह्न मिले हैं।
करीब 200 मीटर तक पगचिह्नों का पीछा किया गया। वह एक झील या तालाब जैसी जगह तक पहुंचे। अब जहां गुलदार ने वृद्ध को मारा था, वहां खुले में बकरी बांधी गई है। उसके आने के इंतजार में वहां मचान भी बनाने की तैयारी हो रही है।
तीन चिकित्सक और बुलाए गए
अभी तक जिले में पांच चिकित्सक हैं, जो ट्रैंक्यूलाइज गन के साथ गुलदार की तलाश में जुटे हैं। इसके अलावा तीन और चिकित्सकों को बुलाया जा रहा है। छह ट्रैंक्यूलाइज गन भी मंगाई जा रही हैं। गुलदार को पकड़ने के अभियान में स्थानीय पशु चिकित्सकों की मदद भी ली जाएगी।
वन विभाग के अफसर खुद भी इस गन का इस्तेमाल करेंगे। वन विभाग के उच्चाधिकारी भी अब बिजनौर पहुंचने शुरू हो गए हैं। जहां बृहस्पतिवार को मुख्य वन संरक्षक मेरठ जोन एनके जानू ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। शुक्रवार को लखनऊ से पीसीसीएफ एसके शर्मा भी बिजनौर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को टीम का विस्तार भी किया जाएगा।
24 पिंजरे लगाए, 50 और मंगाए जा रहे हैं: ज्ञान सिंह
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि प्रशासन, वन विभाग, पुलिस अब मिलकर अभियान चला रहे हैं। जिले में 24 पिंजरे लगा दिए गए हैं। इनमें 14 पिंजरे नगीना से कोतवाली के बीच हैं, दस पिंजरे रेहड़ क्षेत्र में लगे हैं। मुजफ्फरनगर, मेरठ समेत अन्य जिलों से 50 और पिंजरे मंगाए जा रहे हैं, जो आज पहुंच जाएंगे। हमारी टीम गुलदार को पकड़ने के काफी नजदीक पहुंच चुकी है।