संघर्ष में दोनों पक्षों के 11 लोगाें को सजा
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने जलालपुर काजी में हुए खूनी संघर्ष में भूपेंद्र सिंह की गैर इरादतन हत्या के मामले में छह आरोपियों को दस दस वर्ष के कारावास और 9.60 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष के पांच लोगों को पांच पांच वर्ष के कारावास और 60-60 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार के अनुसार जलालपुर काजी में 31 अक्तूबर 2009 में खूनी संघर्ष हुआ था। जिसमें तारा सिंह ने रिपोर्ट कराई कि शाम के करीब ढाई बजे तारा सिंह अपने भतीजे भूपेंद्र और सतेंद्र के साथ गेहूं की बुवाई कर रहे थे। गांव के ही गुरनाम सिंह, गुरूदेव सिंह, अनोखा सिंह, सोनू, मलकीत, बाला सिंह आए और गाली गलौज करने लगे। मना करने पर गुरुनाम और अनोखा सिंह ने तमंचे से भूपेंद्र को गोली मार दी। मलकीत और गुरुदेव ने सतेंद्र पर गोली चलाई जोकि उसकी गर्दन में लगी। बाला और सोनू ने तारा सिंह पर तबल और लाठी से वार किया, जिससे उसके सिर में चोट आई। गंभीर घायल भूपेंद्र सिंह को अस्पताल लाया गया तो उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में गुरुनाम, गुरुदेव, अनोखा सिंह, सोनू और मलकीत और पाला सिंह को गैर इरादतन हत्या, जानलेवा हमला करने का दोषी पाते हुए दस दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं 9.60 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। शासकीय अधिवक्ता आनंद जिंघाला के अनुसार जलालपुर काजी में हुए खूनी संघर्ष में दूसरे पक्ष के तारा सिंह, सतेंद्र, सूरत, विक्रम और अमन को गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में पांच पांच वर्ष के कारावास और 60-60 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।