गोपीगंज के छोटी चौमुहानी पर जिला पंचायत की ओर से निर्माणाधीन कामर्शियल दुकानों का निरीक्षण करती
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ज्ञानपुर। तीन दशक पूर्व से अपने मालिकाना हक पर जिला पंचायत की ओर से हो रहे कामर्शियल दुकानों के निर्माण पर भी ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है। क्योंकि सोमवार को सदर एसडीएम के निर्देश पर अभिहित अधिकारी आबिद खान ने टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंपी है जिस पर सख्त कदम उठाते हुए निर्माण कार्य पर तब तक के लिए रोक लगा दिया गया है।बताते हैं कि तीन दशक पहले से उक्त स्थान पर नीचले सतह पर कामर्शियल दुकान और ऊपरी सतह पर कन्या पाठशाला की जिम्मेदारी संभालकर दुकानदारों से टैक्स भी वसूलता आ रहा है लेकिन दुकानों और पाठशाला के भवन जर्जर हो जाने के बाद किसी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए जिला पंचायत ने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर दो वर्ष पूर्व गिरा दिया। नवनिर्माण के लिए करोड़ों रुपए का टेंडर पारित कर गत वर्ष निर्माण भी शुरु करा दिया जि सको लेकर लगभग चार माह पूर्व नगर पालिका परिषद गोपीगंज और जिला पंचायत के बीच चले मालिकाना हक पर विराम लगाते हुए डीएम राजेंद्र प्रसाद ने जिला पंचायत का सही ठहराया गया। उसी को आधार मानकर कार्यदाई संस्था निर्माण को अमलीजामा भी पहनाना शुरु कर दिया। पुन:शुरु हुई सुगबुगाहट पर सख्ती दिखाते हुए तहसील प्रशासन ने मातहतों को असलीयत जानने के लिए भेजा तो निर्माण कार्य बिना नक्शा के पाया गया जिस पर प्रभावी रोक लगाकर बिना नक्शा पास हुए निर्माण नहीं होने का फरमान जारी कर दिया। एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव ने कहा कि नई नियमावली अंतर्गत आठ किलोमीटर के दायरे में आने वाले कोई भी निर्माण को तब तक नहीं होने दिया जाएगा जब तक स्वामित्व का हक जताने वाले नक्शा नहीं बनवाएंगे। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुभाषचंद भारतीय ने कहा कि वह शासन की ओर से जारी नक्शे पर निर्माण शुरु कराए हैं यदि तहसील प्रशासन रोक लगाया है तो उसका पालन कराया जाएगा।