ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी असर अहमद हाशमी की अदालत ने बुधवार को गैर इरादतन हत्या और उत्पीड़न के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक साल पूर्व गोपीगंज के गोपपुर में हुई घटना में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
अभियोजन के मुताबिक, पूजा निवासी गोपपुर गोपीगंज ने कोतवाली में तहरीर दी थी कि दो जून 2022 को रात आठ बजे उसके पति विकास गौतम खेत गए थे।
इस दौरान मुसहर बस्ती के बगल में नाले के पास पहले से घात लगाकर बैठे टिंकू यादव निवासी ककराही माधोरामपुर ने अपने दो साथियों के साथ विकास के सिर पर ईंट से वार कर दिया। इसमें विकास गंभीर रूप से घायल हो गए। विकास की ट्रामा सेंटर वाराणसी में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने उत्पीड़न, मारपीट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान गैर इरादतन हत्या का भी मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने एक साल के अंदर ही आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद न्यायाधीश असद अहमद ने गैर इरादतन हत्या और उत्पीड़न में युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से पैरवी विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी विनय बिंद और अनिल कुमार शुक्ला ने की।