रिंकू सिंह राजपूत यानी वीर महान
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जवाब - मेरे जीवन में अध्यात्म का वही स्थान है, जो माता-पिता का है। अध्यात्म के बिना जीवन सूना रहता है। ईश्वर की आराधना हमें वह उर्जा प्रदान करती है, जो हमें अंदर से मजबूत करता है। मेरा मानना है कि जिस दिन हम अध्यात्म से दूर हो गए, उस दिन हमारा पतन निश्चित है। उन्होंने युवाओं को भी अपनी सनातन संस्कृति से जुड़ने का आवाह्न किया।
रिंकू सिंह राजपूत उर्फ वीर महान
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जवाब- अक्सर सनातन संस्कृति के प्रति मेरे जुड़ाव के कारण लोग किसी पार्टी विशेष से जुड़ाव समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। वैश्विक स्तर पर देश की सनातन संस्कृति की ध्वज को लहराना और राष्ट्रप्रेम हर व्यक्ति का कर्तव्य होता है। इसका मतलब यह कत्तई नहीं है कि मेरी कोई राजनीतिक विचारधारा भी हो। देश का हर व्यक्ति, वह चाहे किसी भी कोने में हो। उसे भारत की संस्कृति का गुणगान करना चाहिए।
अपने पिता के साथ वीर महान
- फोटो : अमर उजाला
जवाब- माता-पिता जीवन में उस छांव की तरह होते हैं, जिसके नीचे बैठकर हम आराम करते नजर आते हैं। लेकिन, जब माता-पिता का छाया सिर से उठ जाता है तो हम प्यास से तड़पते पक्षी की तरह हो जाते हैं। हालांकि उनकी सीख और संस्कार हमें जीवन में खड़े रहने का साहस देती है।
जवाब- अभी मेरा लक्ष्य सिर्फ भारत माता की सेवा करना है। पूरे विश्व में भारत की सनातन संस्कृति और विचारों की ध्वजा को पहुंचाना है। आने वाले समय में कई टूर्नामेंट है। जिसमें भारत की ओर से भाग लेना है। ऐसे में मेरा सारा फोकस अभी अपने आप पर है। समय आएगा तो शादी भी हो जाएगी।
रिंकू सिंह राजपूत उर्फ वीर महान
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जवाब- देश का युवा राष्ट्रप्रेमी और सनातन प्रेमी है। यही उनका प्रयास रहा है। फिलहाल भविष्य में क्या करना है इसपर विचार नहीं किया है। शाकाहारी युवाओं को भरपूर मात्रा में प्रोटीन उपलब्ध कराने के लिए वीगन प्रोटीन की शुरुआत करने जा रहे हैं। जिससे शाकाहारी युवाओं की शिकायत दूर हो सकें। इसके अलावा जिम, ट्रेनिंग सेंटर को लेकर भी भविष्य में योजना है।