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जल जीवन मिशन का कार्य मंद,गोदामों में बुलेट कैमरों से पाइप लाइन की निगरानी

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जल जीवन मिशन गोदाम दुर्गागंज में बुलेट कैमरे से हो रही पाइप लाइन की निगरानी। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। केंद्रीय जल जीवन मिशन का कार्य मंद पड़ चुका है। 14 परियोजनाएं मात्र शोपीस बनकर रह गई हैं। निगरानी करने वाली कार्यदायी संस्थाओं का कार्य सिर्फ गोदामों में डंप पाइप लाइन की बुलेट कैमरों से निगरानी करने तक सीमित रह गया है। केंद्र सरकार ने 2019 में जल जीवन मिशन योजना का शुभारंभ करते हुए प्रत्येक जिले में तीन करोड़ से लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने दावा किया था। केंद्रीय टीम ने एक वर्ष तक तहसील औराई, ज्ञानपुर, भदोही के कुल 546 ग्राम पंचायतों का सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेज दी। 2021 में कार्यदायी संस्था वेलस्पन और जीआर इंफ्रा को जिम्मेदारी देकर हैवी बोरिंग, हाई लेवल पेयजल टंकी, बाउंड्रीवाल, पंप कक्ष निर्माण के लिए हरी झंडी दी। संस्थाओं ने प्रथम चरण में पाइप लाइन और हैवी बोरिंग को प्राथमिकता दी। लगभग डेढ़ वर्ष का समय व्यतीत होने के बाद भी न पाइप लाइन का कार्य पूर्ण हो सका है न बोरिंग का। तीन माह पूर्व शासन की सौ कार्य योजनाओं में कुल 14 परियोजनाओं से पेयजलापूर्ति कराने का दावा अभी तक सफल नहीं हो सका। डीघ ब्लाक के मैलौना, गोधना में बिछाई गई पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सीतामढ़ी, दुर्गागंज, औराई, सुरियावां, भदोही के गोदाम में पाइप लाइन समेत अन्य कार्यों से संबंधित उपकरणों की निगरानी बुलेट कैमरों की नजर में हैं। 11 अक्तूबर को डीएम गौरांग राठी ने मिशन की समीक्षा बैठक लेकर योजना के क्रियान्वयन में सुधार की हिदायत दी थी। अवर अभियंता/नोडल जल जीवन मिशन कमलेश कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन कार्यों को गति दी जा रही है। अभोली में पाइप लाइन कनेक्टविटी की निगरानी प्रतिदिन की जा रही है। क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों के मामले में सुधार का निर्देश दिया गया है। लगभग चार माह बाद भी स्वजन फाउंडेशन की महिला टीम ग्रामीण बस्तियों में जांच नहीं कर सकीं हैं। फाउंडेशन ने ब्लाक सभागार औराई, भदोही, डीघ, सुरियावां, अभोली में प्रत्येक गांव से पांच-पांच महिलाओं को प्रशिक्षित कर जांच किट भी मुहैया कराई है। गठित महिला टीम को प्रत्येक जांच पर 20 रुपये मेहनताना भी निर्धारित है। अवर अभियंता जलनिगम कमलेश कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन की परियोजनाएं पूरी होने पर जांच टीम गांवों में दस्तक देगी। किट एक्सपायर के सवाल पर कहा समय-समय पर किट की उपलब्धता शासन से होती रहती है।
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