ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-रामबाग खंड पर ज्ञानपुररोड-हंडिया सेक्शन में दोहरीकरण का कार्य पूरा न होने पर अब तीन अतिरिक्त कार्यदायी संस्थाएं कमान संभालेंगी। रेल विकास निगम के रेलवे बोर्ड ने खंड पर विद्युतीकरण के साथ दोहरीकरण का कार्य 2019 में शुरू कराकर मार्च 2021 तक रेलवे को हैंडओवर करने का निर्णय लिया था। दो चरणों में वाराणसी कैंट से ज्ञानपुर रोड स्टेशन तक दोनों कार्यों के पूरा होने पर संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन मो.लतीफ खान ने अपने विशेष सैलून को 120 किलोमीटर प्रति घंटा से दौड़ाकर नए ट्रैक ट्रेनों को चलाने की हरी झंडी दे दी। शेष बचे कार्यों को 31 मार्च तक किसी भी स्थिति में पूरा करने की हिदायत निगम और उसके अधीनस्थ कार्यरत संस्थाओं को दिया। बावजूद इसके अभी तक ब्लॅाक सेक्शन में 30 फीसद कार्य अधूरे पड़े हैं। ज्ञानपुररोड से हंडिया तक अधर में लटके कार्यों का परिणाम है कि यात्रियों को मेमू ट्रेन को पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचना किसी न किसी अनहोनी को न्योता देना है। हाल्ट सरायजगदीश, अतरौरा, अलमऊ, जंगीगंज स्टेशन कार्यदायी संस्थाओं की कथनी और करनी में अंतर उदाहरण बन चुकी हैं। परियोजना निदेशक विकास चंद्रा ने बताया कि 31 मार्च तक कार्य पूरा न होने पर आरटीसी, क्रिएटिव इंफ्रा और यूआन इंडिया संस्था से कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी दे दी गई है। स्टेशन ब्लाक सेक्शन में फिनिशिंग, विद्युतीकरण, दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने पर ही नये ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन मई तक होना संभव हो सकेगा।