वनविभाग परिसर में चार दिन से बंधी गुलाबी नाम की हाथी। संवाद
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ज्ञानपुर। बगैर पंजीकरण के हाथी रखने के आरोप में चार दिन पहले वन विभाग की टीम ने बलभद्रपुर गांव से एक व्यक्ति को पकड़ लिया था। वहां से गुलाबी नाम की मादा हाथी को भी कब्जे में लिया गया था। तब से वन विभाग हाथी को अपने रेंज कार्यालय परिसर में रखा है। वन विभाग को उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार है कि हाथी का सही ठिकाना कहां होगा। उधर, बलभद्रपुर गांव के ही धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि विभाग ने दूसरी की हाथी समझकर मेरी हाथी को कब्जे में ले लिया है। कहा कि अभी हाथी खड़ी स्थिति में है। यदि बैठ गई तो उठाना मुश्किल है। चार दिन पूर्व वन विभाग के कर्मचारी लाइसेंस न होने की बात कहते हुए हाथी को कब्जे में ले लिया था। वहां से शैलेश तिवारी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। मुकदमा दर्ज करते हुए चालान भी कर दिया गया। हाथी को वहां से रेंज कार्यालय ले जाया गया और वहां उसे पीपल के पेड़ के नीचे बांधा गया है। इस मामले में ज्ञानपुर वन रेंज के रेंजर रिचेश मिश्रा ने कहा कि बगैर पंजीकरण के हाथी रखने की जानकारी होने पर मामले की जांच की गई। उसी आधार पर शैलेश तिवारी को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया। हाथी को रेंज कार्यालय परिसर में वन विभाग की अभिरक्षा में रखा गया है। न्यायालय से स्वीकृति मांगी गई है। वहां से स्वीकृति मिलने पर अधिकारियों से संपर्क करके हाथी को किसी चिड़ियाघर या सुधारगृह में भेजा जाएगा।