ज्ञानपुर। एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की खरीद महीने भर पहले शुक्रवार से ही शुरू कर दी गई। गेहूं की फसल तैयार ही नहीं है। लिहाजा पहले दिन 49 केंद्रो पर सन्नाटा पसरा रहा। क्रय केंद्रों पर प्रभारी और कर्मचारी ही दिखे। निरीक्षकों ने केंद्रों पर जाकर खरीद की तैयारियों का जायजा लिया। विभाग को अनुमान है कि एक अप्रैल के बाद ही खरीद की शुरुआत हो सकेगी।
किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में कुल 49 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें पीसीएफ और विपणन विभाग के अलावा अन्य संस्थाएं शामिल हैं। शासन के निर्देश पर इस बार एक मार्च से ही गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। समय से पहले ही खरीद शुरू होने से शुक्रवार को औराई के उगापुर, समधा, गोपीगंज के मंडी समिति, मोढ़ के जगदीशपुर, चौरी आदि केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
मंडी समिति पर जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में निरीक्षकों की बैठक में अब तक खरीदे गए धान को मिलों पर भेजने, मंड़ाई होने के बाद गेहूं की खरीद को तेजी से करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी के हिसाब से इस बार एक मार्च से खरीद की शुरुआत की गई है लेकिन पूर्वांचल में अभी गेहूं की फसल खेतों में ही है। होली के बाद से खरीद की शुरूआत होने की उम्मीद है। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये निर्धारित किया है। नई क्रय नीति में किसानों को 20 रुपये अतिरिक्त जोड़कर खाते में भेजा जाएगा।
इनसेट
तीन फीसदी ही हुई थी गेहूं की खरीद
अबकी बार शासन ने भले ही एक महीने पूर्व खरीद की शुरुआत कर दी लेकिन साल 2023 में खरीद की स्थिति जिले में काफी खराब थी। 37 हजार टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन महज 1325 टन ही खरीद हो पाई। 2024 में 20 से 25 फीसदी खरीद तक पहुंचना विभाग के लिए किसी चुनौती बना हुआ हहै.
50 फीसदी तक पहुंची धान की खरीद
जिले में धान की खरीद 29 फरवरी को रुक गई। पोर्टल बंद होने तक 52 क्रय केंद्रो पर 33 हजार 215 एमटी धान की खरीद कराई गई, हालांकि तमाम प्रयास के बाद भी विभाग 66 हजार एमटी के सापेक्ष 50 फीसदी ही लक्ष्य को प्राप्त कर सका। यह पहली बार नहीं है। 2020 के बाद से लगातार धान की खरीद की रफ्तार कम होती जा रही है।