आरोप लगाया कि अनियमितता में निलंबित ग्राम प्रधान को राहत देने के लिए चुपके से जांच कराई जा रही है। जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में जांच अधिकारी बदलने और त्रिस्तरीय समिति का गठन करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में हीरालाल, रामनाथ, सुनीता, मोना देवी आदि लोग शामिल रहे।