ज्ञानपुर(भदोही)। अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर गांव की ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी को जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बुधवार को सात लाख 73 हजार के गबन में बर्खास्त कर दिया है। साथ ही सचिव को निलंबित करते हुए जांच टीम गठित करने के लिए एसडीएम भदोही को निर्देश दिया है। डेढ़ साल पूर्व प्रधान ने वित्तीय अधिकार सीज करने के आदेश को कोर्ट में चुनौती थी। अभोली क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी नन्हे लाल ने दो साल पूर्व जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र देकर शौचालय, सोलर लाइट समेत अन्य विकास कार्यों में ग्राम प्रधान पर धांधली का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि प्रधान चंद्रावती देवी ने बिना काम कराए ही अपने बेटे अरविंद कुमार की फर्म को दो लाख 52 हजार 700 रुपये, प्राथमिक विद्यालय हरिकरनपुर में शौचालय निर्माण में 40 हजार, शासन से सोलर लाइट लगाने पर रोक के बाद भी बिना निविदा कराए तीन लाख 87 हजार, खड़ंजा निर्माण में 18,085, शोकपीट निर्माण में 48 हजार 552 और बिना काम कराए फर्जी तरीके से 26 हजार 882 मनरेगा मजदूरी निकाल ली गई। जांच आख्या में कुल सात लाख 73 हजार गबन मिला। इसको लेकर डीएम ने प्रधान के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार को सीज कर दिया, जिसके खिलाफ ग्राम प्रधान हाईकोर्ट की शरण में चली गईं। वहां से कुछ दिनों के लिए उसे राहत मिली। हालांकि बाद में कोर्ट से भी राहत खत्म हो गई। जांच में आरोप सिद्ध होने पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को बर्खास्त कर तत्कालीन सचिव नीतीश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया। गांव में विकास कार्यों को कराने के लिए एक सप्ताह में एक सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश एसडीएम भदोही को दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि गबन में प्रधान को बर्खास्त किया गया। सदस्य नामित करने की प्रक्रिया चल रही है।