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स्वास्थ्य केंद्र अतिक्रमण के शिकार, सिस्टम लाचार

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ज्ञानपुर। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को लेकर सरकार भले ही गंभीर है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा उदासीन है। जिले के दर्जन भर से अधिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीनों पर आसपास के लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसे हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के लिए 170 मातृ-शिशु कल्याण केंद्र (जच्चा-बच्चा केंद्र) खोले गए। जहां बच्चों और गर्भवती धात्रियों को तमाम प्रकार के टीकाकरण किया जाता है। केंद्रों पर प्रतिदिन एएनम, आशा आदि बैठकर स्वास्थ्य विभाग के अभियानों को आगे बढ़ाती हैं, लेकिन एक से डेढ़ दशक पूर्व स्थापित जच्चा-बच्चा केंद्र संग अतिरिक्त पीएचसी खस्ताहाल हो चुके हैं। निगरानी न होने से अधिकतर केंद्रों की जमीनों पर मनबढ़ किस्म के लोगों ने कब्जा कर लिया है। वहां उपली पाथने, पशुओं को बांधने संग निर्माण आदि भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। 40 से 50 केंद्रों की जमीन पर आसपास के लोगों ने कब्जा किया हैं। डीघ ब्लॉक के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा की जमीन पर आसपास के ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया है। परिसर के अंदर तक उपली पाथी जाती है। केंद्र प्रभारी ने पूर्व में इसकी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अभोली ब्लॉक के सदौपुर गांव में जच्चा-बच्चा केंद्र की हालत दयनीय है। यहां पर केंद्र की जमीन पर कुछ ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया है। कुछ लोगों ने शिकायत भी की, लेकिन अब तक न तो स्वास्थ्य विभाग कुछ कर सका और न ही राजस्व विभाग। कुछ स्वास्थ्य केंद्रों की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिली है। इसकी सूची एक सप्ताह पूर्व राजस्व विभाग को सौंपी गई है। जल्द ही ऐसे केंद्रों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। - डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ भदोही
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