चौरी रोड का नाला जिस पर अतिक्रण होने से सिल्ट सफाई नहीं हो पा रही है
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भदोही। बारिश में इस वर्ष भी भदोही डूबेगी। बारिश के मुहाने पर खड़े शहर के लोग आज यही कह रहे हैं। दुकानदार हो या कारोबारी, बैंकर हो या बैंक के खाताधारक। बारिश की बात होती है तो लोगों की आंखों के सामने शहर के स्टेशन रोड, मेन रोड, तकिया कल्लन शाह, छेड़ीबीर के जलभराव का दृश्य दौड़ जाता है। नगर पालिका का दावा है कि उसने शहर की प्रमुख नालों की सफाई का काम शुरू कर दी है लेकिन अतिक्रमण की शिकार नालों की सफाई कैसी हो रही होगी यह हर कोई समझ सकता है। जून के प्रारंभ में मानसून के आ जाने की बात कही जा रही है। भदोही में जलनिकासी के माकूल इंतजाम नहीं है। यह बात वे कह रहे हैं जिनके घरों या दुकानों में हर वर्ष बरसात का पानी घुस जाता है। स्टेशन रोड पर तो दो दर्जन बैंक शाखाएं हैं, कुछ बैंक ऐसे हैं जिनमें पानी घुस जाता है। अब जब फिर से बारिश का मौसम शुरू होने वाला है तो लोग कई-कई दिन तक पानी से घिरे होने को सोच कर सिहर उठ रहे हैं। नगर पालिका का कहना है कि उसने तो नालों की सफाई शुरू कर दी है। विभिन्न मार्गों से नालों से सिल्ट निकाली जा रही है। लेकिन अतिक्रमण की शिकार नालियां कितनी साफ हो पाएंगी इस बात को समझा जा सकता है। सभासद दानिश सिद्दीकी कहना है कि जलभराव की समस्या से पार पाने के लिए आवश्यक है कि सरकार यहां के जलनिकासी प्रस्ताव को स्वीकृत कर धन आवंटित करें। भदोही। शहर की जलनिकासी व्यवस्था उत्तर, दक्षिण और पूरब में नालों की मदद से नदियों में कर दी जाती है। लेकिन सभी नाले अतिक्रमण की शिकार हैं और पूरी तरह से सिल्ट से भर गए हैं। चौरी रोड का नाला तो ढूंढने से भी नहीं दिखता। नाला अतिक्रमण का शिकार है। कहीं लोगों ने आने जाने के लिए पक्का निर्माण कर लिया है तो कहीं पक्का निर्माण कर दुकान बना लिया गया है। मेनरोड के नाले का भी यही हाल है। औराई रोड का नाला कुछ हद तक अतिक्रमण मुक्त है लेकिन सवाल उठता है कि एक नाला कहां तक जलनिकासी में सहायक होगा। लोगों ने कहा है कि वृहद अभियान चलाकर नालों को अतिक्रमण मुक्त कराकर जलनिकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जानी चाहिए।
इन्हीं नालों से जलनिकासी कराने की तैयारी कर रही है नगर पालिका- फोटो : BHADOHI