ज्ञानपुर/गोपीगंज। जिले में अनुदानित और मान्यता प्राप्त मदरसों के संचालन का समय नहीं बदला गया। दोपहर में छुट्टी होने के बाद चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से झुलसते हुए छोटे-छोटे बच्चे घर जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के बीमार होने की चिंता सता रही है। उन्होंने मदरसों के संचालन का समय बदलने की मांग की है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकृत कुल 61 मदरसे हैं। इनमें सात मदरसे अनुदान पर, 31 मदरसे माडल के रुप में संचालित होते, जिनका खर्च भी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग उठाता है। जिले में 23 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं। सभी मदरसों के खुलने का सुबह 7.30, बंद होने का समय दोपहर 1.30 बजे निर्धारित है। इसका एकमात्र कारण लोग यह बता रहे हैं कि माह-ए-रमजान में 40 दिनों तक मदरसे बंद रहते हैं और गर्मी के मौसम में खोलकर शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास होता है। अभिभावक रहमान, तसौवर, जाकिर अली, शहादत, मोहर्रम, शुकरुल्ला आदि ने कहा कि ठंड के मौसम मदरसे के समय को प्रभावित नहीं करता। गर्मी के मौसम में जब दोपहर 1.30 बजे छुट्टी होती है तो उस समय बच्चे पैदल, साइकिल से घर पहुंचते हैं। ऐसे में चिंता लगी रहती है कि गर्मी और धूप के असर से बच्चे बीमार न पड़ जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेशचंद ने कहा कि विभाग सिर्फ मदरसों के संचालन की गति विधियों पर नजर रखता है। परीक्षा से लेकर मदरसों खुलने, बंद होने की गाइड लाइन मदरसा शिक्षा परिषद निर्धारित करता है। शिकायत मिलने पर अभिभावकों की बात रजिस्ट्रार तक पहुंचाया जाएगा।