ज्ञानपुर। जिले में यूरिया की किल्लत बनी हुई है। शुक्रवार को पांच केन्द्रों पर 78 एमटी यूरिया का वितरण किया जा सका। विभाग के पास अब सिर्फ 100 एमटी यूरिया शेष बचा है। जिसका वितरण होने के बाद विभाग को बनारस में लगने वाली रैक का इंतजार रहेगा। विभाग ने 1300 एमटी यूरिया की मांग भेजी है। जिसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है। जिले में 45 हजार कृषक जोत योग्य भूमि है। जिसके कुल सवा दो लाख पंजीकृत किसान हैं। जिसके सापेक्ष विभाग का डिमांड ऊंट मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
जिले के 32 सहकारिता केन्द्रों पर 7400 यूरिया वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा बाजारों में वितरण का लक्ष्य 7600 रखा गया है। जिले में शुरूआत से यूरिया की किल्लत बनी हुई है। केन्द्रों पर लगातार लग रही किसानों की भीड़ ने विभाग के माथे पर सिकन बढ़ा दिया है। यूरिया की अनुपलब्धता पर विभाग ने आधार और खतौनी लाने के बाद ही किसानों को यूरिया देने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके बाद भी पंजीकृत किसानों के सापेक्ष कम डिमांड के कारण जिले में यूरिया की किल्लत बरकरार रही। फिलहाल विभाग मिर्जापुर में लगने वाली रैक से 300 एमटी यूरिया मंगाकर किसानों की जरूरत पूरा करने में लगा है। शुक्रवार को पांच केन्द्रों पर 78 एमटी यूरिया वितरण किया। अब विभाग के पास केवल 100 एमटी यूरिया शेष बचा है। जिसका शनिवार को वितरण होगा। एआर सहकारिता राघवेन्द्र शुक्ला ने बताया कि किसानों की जरूरत के हिसाब से यूरिया की डिमांड की गई थी। फिलहाल 1300 एमटी विभाग और 1000 एमटी बाजारों के लिए डिमांड भेजी गई है। जिसकी स्वीकृति मिल चुकी है। वाराणसी में इसकी रैक लगेगी। जहां से आते ही किसानों की जरूरत को पूरा किया जा सकता है।
मोढ़। सुरियावां विकास खण्ड के कस्तूरीपुर स्थित कीर्तिपुर साधन सहकारी समिति पर शुक्रवार को गहमागहमी के बीच यूरिया खाद का वितरण हुआ। केन्द्रों पर लगी किसानों की भीड़ के कारण कई बार तू-तू-मैं-मैं की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके देखते हुए स्थानीय पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने किसानों को लाइन में लगवा कर यूरिया का वितरण कराया।
गोपीगंज। पड़ाव स्थित गोपीगंज सहकारी क्रय विक्रय समिति पर यूरिया के लिए किसानों की भोर से ही लंबी कतार लगी रही। डीएपी के बाद अब यूरिया खाद को लेकर भी मारामारी देखी जा रही है। शुक्रवार को भोर से किसानों की लंबी कतार लग गई। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह उर्फ मुन्नू ने बताया कि ज्यादातर किसानों को यूरिया का वितरण हुआ। अलमऊ की आरती ने कहा चार बजे भोर से यूरिया के लिए कतार में खड़ी है, अभी तक नई मिल पाया। गुलाबीने कहा घर मे ताला बंद कर यूरिया के लिए आई है और भोर से लाइन में खड़ी है। गोपीगंज निवासी अनूप कुमार ने कहा दो बजे रात से लाइन में खड़े है।