पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सोरांव थाने में दर्ज मुकदमे में मायापति वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी कर ली गई है। प्रयागराज की सोरांव पुलिस और एसटीएफ को जानकारी दे दी गई है। मायापति का पूर्वांचल के बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों से संपर्क रहा। वह शिक्षा माफिया से सीधे संपर्क कर प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का ठेका लेता था। वह एसटीएफ के रडार पर रहा। जिले में भी कई अभ्यर्थी उक्त परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। इसमें से करीब 30 ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनके तार सीधे मायापति दुबे से जुड़े हैं।
बता दें कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पकड़ी गई थी। यह बात भी सामने आई है कि भदोही जिले में भी ऐसे अभ्यर्थियों की लंबी लाइन है, जिन्होंने पैसे के बल पर अनुचित साधनों के जरिए शिक्षक भर्ती में सफलता हासिल की है। ऐसे लोग एसटीएफ के रडार भी पर हैं। आम लोगों में चर्चा है कि एसटीएफ अगर दूध का दूध और पानी का पानी करने में सफल हुई तो तमाम अयोग्य अभ्यर्थियों का गला फंस सकता है।