विकास भवन सभागार में आयोजित ग्राम्य विकास विभाग की बैठक में उपस्थित लोग।
विकास भवन में बृहस्पतिवार को ग्राम्य विकास विभाग के विभिन्न संवर्ग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें पंचायती राज विभाग के कई निर्णयों को अनुचित बताया गया। इसमें उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास महापरिषद का गठन भी किया गया। परिषद के अध्यक्ष परियोजना निदेशक संतराम ने कहा कि पंचायती राज विभाग के स्वयंभू और ऊल-जुलूल निर्णयों के विरोध में इस महापरिषद का गठन किया गया है। कहा कि 10 जून को पंचायती राज विभाग की ओर से घोषित कार्य बहिष्कार के खिलाफ महापरिषद के सदस्य दो घंटे अधिक काम करेंगे। जिला विकास अधिकारी अजीत सिंह ने कहा कि पंचायती राज विभाग को नियामक संस्था के स्थान पर नियामक विभाग घोषित करने के लिए जो दबाव बनाया जा रहा है, वह विकास के धन को हड़पने की साजिश है। महापरिषद के महामंत्री संतोष सिंह और वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद पांडेय ने भी विचार रखे। इस मौके पर बीडीओ मीनाक्षी, आजम अली, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, दयाराम, राकेश मिश्र, संजय दुबे, ब्रह्मजीत शुक्ल आदि मौजूद थे।