जिले में खटारा एंबुलेंसों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य विभाग अनजान है। एबुलेंसों में सुविधाओं का अभाव है। ज्यादातर एबुलेंस टूटे दरवाजे के साथ सड़क पर दौड़ रही है। इससे मरीजों की जान राम भरोसे है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जनपद में 41 एंबुलेंस है। जिसकी मदद से मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता है। सोमवार को भदोही-चौरी मार्ग पर फर्राटा भर रही डायल 102 की एबुलेंस का नंबर प्लेट ही गायब दिखा। एबुलेंस का पिछला गेट पूरी तरह से जर्जर था। हर साल एबुलेंस के मेंटनेंस के नाम पर लाखों पर रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी जिले की सड़कों पर दौड़ रही एबुलेंसों की हालत काफी खस्ता है। जर्जर एबुलेंसों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अगर ऐसे ही लापरवाह बना रहा तो किसी दिन मरीज अस्पताल से पहले दुर्घटना का शिकार हो जाएगा।
इनसेट:
किसके कितनी एंबुलेंस:
डायल 102 - 20
डायल 108 - 18
एयर लेस एबुलेंस - 03
वर्जन
जहां तक मेरी जानकारी है। जनपद की सारी एबुलेंस फीट है। खटारा एबुंलेंस को तत्काल दुरूस्त कराया जाएगा। फिलहाल मामले को संज्ञान में दलिया जाएगा
- डॉ. एसके चक, सीएमओ।