फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी बोर्ड के दो हजार छात्रों की फंसा रिजल्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। स्कूलों की लापरवाही से जिले में यूपी बोर्ड के दो हजार छात्र-छात्राओं का रिजल्ट फंस गया है। इससे होनहारों संग अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। प्रधानाचार्यों की ओर से बोर्ड से जुड़े प्रमाणपत्र न भेजने से ऐसी समस्या आई है। अब क्षेत्रीय कार्यालय ने एक सप्ताह के अंदर ऐसे छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्र मांगे हैं। कोरोना महामारी के चलते यूपी बोर्ड की परीक्षा नहीं हो सकी। जिससे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पंजीकृत 54 हजार छात्र-छात्राओं को पूर्व की परीक्षाओं के आधार पर प्रमोट किया गया। 10 दिन पूर्व परीक्षाफल भी आ गया। 51 से 52 हजार छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हो गए, लेकिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 1989 छात्र-छात्राओं का रिजल्ट फंस गया है। परीक्षाफल घोषित होने से पूर्व डीआईओएस कार्यालय ने ऐसे परीक्षार्थियों के प्रमाणपत्र भेजने का मौका दिया था, लेकिन स्कूलों ने जरूरी जानकारी नहीं दी। इससे जिले के 45 स्कूलों के दो हजार छात्र-छात्राओं का परीक्षाफल फंस गया है। विभाग की माने तो गैर प्रांत, दूसरे बोर्ड और अन्य जिलों से प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्र बोर्ड तक नहीं गए, जिससे ऐसी समस्या हुई। अभिभावक जगदीश मिश्रा, राम नरेश ने बताया कि उनके बेटों का रिजल्ट अभी तक नहीं मिला है। इससे अगली कक्षा में प्रवेश को लेकर चिंतित है। रिजल्ट आने के बाद ऐसे छात्रों में कुछ का रिजल्ट चेक करने पर विदेहल्ड शो कर रहा है। अपर सचिव की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल गुप्त ने बताया कि प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों से कहा गया है कि एक सप्ताह में ऐसे छात्र-छात्राओं के जरूरी प्रमाणपत्र क्षेत्रीय कार्यालय को भेजें। जिससे रुका रिजल्ट जारी हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें