ज्ञानपुर। जिले में हीमोफीलिया के मरीज उपचार कराने के लिए दूसरे जनपद में जाते हैं। जिला चिकित्सालय में ऐसे मरीजों के उपचार की व्यवस्था होने के बाद भी मरीज वाराणसी या प्रयागराज जातें है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में मात्र दो मरीज हीमोफीलिया से ग्रसित हैं, जो नियमित रूप से उपचार कराने में लापरवाही बरतते हैं।
जिला ब्लड बैंक प्रभारी पीके सिंह ने बताया कि हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों को भविष्य में काफी दिक्कतों का सामना करना होता है। ऐसे में इसको लेकर लापरवाही भारी भी पड़ सकती है। हिमोफिलीया से पीड़ित मरीजों को घाव हो जाना, चोट लगना या ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर खून का बहना, खून न रुकना, जोड़ों का दर्द कम न जैसी शिकायतें होती हैं। इसके अलावा शरीर का वजन कम होना, शरीर का ग्रोथ न होना, उम्र अधिक होने के बाद भी कम उम्र का दिखना, शरीर में प्लाज्मा कम इसके लक्षण होते हैँ। यह एक आनुवंशिक बीमारी है। यह ज्यादातर बच्चों में पाई जाती है।