ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांर्गत रविवार को रामपुर घाट से गंगा नदी में लगभग दो लाख मत्स्य बीज छोड़े गए हैं। मत्स्य विभाग एक हजार से अधिक सरकारी और उतनी ही संख्या में निजी क्षेत्र के तालाबों में मत्स्य पालन कराकर मध्यम वर्गीय किसानों, श्रमिकों, वैश्विक महामारी से प्रभावित होने वाले प्रवासियों की आर्थिक स्थिति में सुधार ला रहा है।
मत्स्य पालन के साथ पालकों को शासन की ओर मिलने वाली अन्य योजनाओं से जोड़ने में जागरूकता अभियान भी चल रहा है। जिला मत्स्य अधिकारी ओएन भारतीय ने बताया कि योजना अंतर्गत विभाग को दो लाख मत्स्य बीज गंगा नदी में संरक्षित कराने का लक्ष्य मिला था। संरक्षित मत्स्य से न सिर्फ गंगा का पानी स्वच्छ होगा बल्कि मछलियों की संख्या में बढ़ोत्तरी भी होती रहेगी। इस मौके पर डॉ.राधेश्याम निषाद, सुशील कुमार, राजकुमार निषाद, मत्स्य निरीक्षक अमित कुमार, विजय प्रताप शुक्ल आदि रहे। संवाद