सीतामढ़ी। कोइरौना थानाक्षेत्र के सीतामढ़ी गंगा घाट पर शनिवार की देर रात गंगा में दो दोस्त गंगा में डूब गए। दोनों का शव करीब 15 घंटे बाद रविवार दोपहर को बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलने पर दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रो-रोकर बेसुध हो गए। जानकारी के मुताबिक डूबने वाले युवकों में एक सीतामढ़ी के नारेपार और दूसरा हंडिया के महखरा का निवासी था। आकाश पांडेय (21) पुत्र मनोज पांडेय और प्रयागराज जनपद के हंडिया कोतवाली के महखरा गांव निवासी विष्णु सिंह (24) पुत्र अशोक सिंह शनिवार शाम को एक दोस्त के साथ उज्जैन महाकाल दर्शन की बात कहकर घर से निकला। लेकिन तीनों उज्जैन न जाकर देर शाम सीतामढ़ी गंगा घाट पर चले गए। बताते हैं कि रात में तीनों दोस्त निर्माणाधीन पीपा पुल से अंतिम छोर (लगभग मध्य गंगा) तक पहुंच गए। पुलिस के अनुसार गंगा में लापता युवकों के दोस्त ने बताया कि दोनों ने गंगा स्नान करने के लिए अपना कपड़ा, जूता, मोबाइल, घड़ी आदि सामान पीपा पुल पर रख कर गंगा में छलांग लगा दी। दोनों युवक थोड़ी देर में ही डूब गए। सूचना मिलते ही परिजन और कोइरौना थानाध्यक्ष गीता राय और सीतामढ़ी चौकी इंचार्ज श्री प्रकाश मिश्रा घटना स्थल पर पहुंच कर गंगा में लापता दोनों युवकों की खोज शुरू कर दी, लेकिन रात अधिक होने से सफलता नहीं मिली। रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोपहर साढ़े तीन बजे दोनों का शव बरामद हुआ। परिजनों के मुताबिक आकाश पांडेय स्थानीय एक डिग्री कॉलेज में बीकाॅम का छात्र था। घटना से दोनो घरों में कोहराम मच गया। आकाश पांडेय दो भाइयों में बड़ा था। मां निशा देवी और दादी शिवदुलारी का रो रोकर बुरा हाल है। जबकि विष्णु सिंह चार भाइयो में सबसे छोटा था। उसकी मां गीता देवी रो रोकर बेसुध हो गई। थाना प्रभारी गीता राय ने बताया कि युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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जाना था महाकाल, काल ने खींच लिया गंगा घाट
सीतामढ़ी। कहते हैं कि मौत की जगह और समय निश्चित होती है। ऐसा ही वाकया सीतामढ़ी में देखने को मिला जब घर से उज्जैन महाकाल भगवान का दर्शन करने निकले दोनों दोस्तों को ''''''''काल'''''''' ने आखिरकार देर रात सीतामढ़ी गंगा घाट पर खींच ले गई। महखरा गांव निवासी डाॅ. शेषमणि सिंह ने बताया कि उनके गांव का युवक विष्णु सिंह उज्जैन नहीं जाना चाहता था लेकिन उसके घर गए दोनों दोस्तों के जिद करने पर वह भी जाने को तैयार हो गया। उसकी मां गीता सिंह ने तीनों दोस्तो को रास्ते के लिए भोजन बना कर पैकेट दिया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था जाना था उज्जैन लेकिन मौत खींच ले गयी सीतामढ़ी पीपा पुल पर। तहसीलदार ज्ञानपुर सुनील कुमार, कानूनगो कौशलेश कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल दिवाकर यादव, लेखपाल प्रहलाद सिंह, प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह आदि सीतामढ़ी में पहुंचे।
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एसडीआरएफ हांथ पांव मारती रही, शव को ढूंढा माल्टा माझी
सीतामढ़ी। पीपा पुल के पास मध्य गंगा में डूबे दोनों युवकों के शव की खोज के लिए एसडीआरएफ की टीम सुबह से ही हाथपांव मारती रही लेकिन टीम को सफलता नही मिल सकी। आखिरकार स्थानीय गोताखोर नारेपार निवासी माल्टा माझी और उसके पुत्र अनिल माझी ने घटना स्थल से लगभग तीन सौ मीटर दूर सीतामढ़ी श्मशान घाट के पास शाम साढ़े तीन बजे गंगा के गहरे पानी से दोनों शवों को ढूंढ निकाला। माल्टा माझी के सफल प्रयास की लोगों ने प्रशंसा की। तहसीलदार ज्ञानपुर सुनील कुमार ने माल्टा माझी और अनिल को गंगा घाट पर नियमित करने का आश्वासन दिया।