ज्ञानपुर। दो से ढाई दशक पूर्व बने 12 जर्जर प्राथमिक, कंपोजिट और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की मरम्मत होगी। जिस पर दो करोड़ सात लाख खर्च होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को नामित कर 50 फीसदी बजट भी दे दिया। जुलाई-अगस्त तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब एक लाख 70 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। 1990 से लेकर 2000 में बने दर्जनों सरकारी विद्यालय देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुके हैं। जिससे ऐसे स्कूलों में कक्षाओं का संचालन कराना विभाग के लिए चुनौती होती है। ऐसे स्कूलों की मरम्मत के लिए विभागीय प्रस्ताव पर आखिरकार स्वीकृति मिल गई। ऐसे में बेकार हो चुके इन भवनों को तोड़कर वहां नए एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि जूनियर हाईस्कूल के लिए 28-28 लाख, जबकि प्राथमिक के लिए 15-15 लाख रुपये स्वीकृत हुआ है। भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण कार्यदायी संस्था नामित है। निविदा का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुछ स्थानों पर नींव आदि की खुदाई हो चुकी है। दो करोड़ सात लाख से स्कूलों का जीर्णोद्धार होगा। उन्होंने अनुमान जताया कि जुलाई-अगस्त तक सभी भवन तैयार हो जाएंगे।
ज्ञानपुर। जिले में 150 से अधिक परिषदीय स्कूलों के 201 भवन जर्जर हो चुके हैं। एक साल पूर्व टीम ने जर्जर भवन चिह्नित किए थे, लेकिन रेट निर्धारण न होने से नीलामी लटकी हुई है। इससे उन भवनों को गिराया नहीं जा सका। विभाग अब नए सिरे से आकलन कराने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आरईएस और लोक निर्माण विभाग की ओर से रेट अधिक तय होने से नीलामी लटकी है।