फोटो- चुनावी मुद्दा--
चालू नहीं हुआ ट्रामा सेंटर, चुनाव में बनेगा मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
औराई। जिले का इकलौता ट्रामा सेंटर 2022 के विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनकर सामने आ सकता है। हाईवे के नजदीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई में 2016 में ट्रामा सेंटर का शिलान्यास हुआ था। शिलान्यास के समय समाजवादी पार्टी की सरकार थी। 2017 में भाजपा की सरकार आने पर काम शुरू नहीं हो पाया। दिसंबर 2017 में पुन: भाजपा विधायक दीनानाथ भास्कर और सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने पुन:उक्त भवन का भूमि पूजन किया। कुछ महीनों के बाद कार्य प्रारंभ हुआ जहां 2020 के अंत तक उक्त भवन बनकर तैयार हो गया। नवनिर्मित भवन के एक वर्ष बनने के बाद भी आज तक उक्त जामा सेंटर चालू नहीं हो पाया। अभी तक न तो उसमें सर्जन की नियुक्ति हुई न हड्डी, पैथोलॉजी विशेषज्ञ आ सके। हां इतना जरूर है कि ट्रामा सेंटर तो अब तक चालू नहीं हो पाया किंतु उक्त भवन को आक्सीजनयुक्त कोविड वार्ड का दर्जा मिला है। जहां ट्रामा सेंटर के वार्ड कोरोना के संक्रमितों का इंतजार कर रहा है। भमौरा निवासी जगदीश मिश्रा ने बताया की ट्रामा सेंटर बने ए वर्ष से अधिक हो गया किंतु उसमें कोई भी व्यवस्था नहीं हो पाई जो कि सरकार की गलत नीतियों को दर्शाता है। औराई निवासी उमेश दूबे ने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षित अवधारणा के चलते एक वर्ष के बाद भी ट्रामा सेंटर में व्यवस्थाएं नहीं हो पाई। यही कारण हैं कि हाईवे समेत सहायक मार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायल हालत नाजुक होने पर वाराणसी, प्रयागराज रेफर किए जाते हैं। यदि उक्त ट्रामा सेंटर चालू होता तो जिले स्तर पर वाराणसी, प्रयागराज जैसी सुविधाएं मिलतीं। दुकानदार मिठाईलाल, सहसेपुर निवासी सुनील दुबे, विनय कुमार ने कहा कि चुनाव के समय विकास की गंगा बहाने का जो सब्जबाग दिखाया जाता है उसे पूरा कर दिया जाए तो क्षेत्र की अवाम को बड़ी राहत मिल सकती है। आगामी दिनों संपन्न वाला चुनाव जनप्रतिनिधियों के लिए ट्रामा सेंटर जिम्मेदारी का अहसास भी कराएगा।