चौरी। उत्तर रेलवे के जंघई-वाराणसी रेलखंड स्थित बहुचर्चित कंधिया फाटक पर लगभग पांच माह बाद आवागमन बहाल कर दिया गया है। वाराणसी-भदोही के मुख्य सड़क मार्ग पर आवागमन बाधित होने से हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसको संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने इसे बहाल करने का आदेश दिया है। आवागमन बहाल होते ही बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2020 में कंधिया फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की घोषणा की थी। दिसंबर 2022 में ओवरब्रिज निर्माण को लेकर जिला प्रशासन ने भदोही-वाराणसी मुख्य मार्ग को एक साल के लिए डायवर्ट कर दिया। 84 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पुल के 44 पिलर की सेतु निगम और 4 पिलर की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे को मिली। रेलवे ने निर्माण कार्य शुरू भी करा दिया। मुआवजे को लेकर किसानों के विरोध के कारण मामला अटक गया। यह मामला चल ही रहा था कि इसी रूट पर मछलीशहर वाया वाराणसी फोर लेन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। इसके बाद मामला फंस गया। एक तरफ सेतु निगम और दूसरी तरफ हाइवे प्राधिकरण ओवरब्रिज के पिलर निर्माण का दावा कर रहा है। दो विभागों के बीच मामला फंसने के कारण निर्माण कार्य की फाइल सचिवालय तलब कर ली गई। उसके बाद से ही हाईवे प्राधिकरण और सेतु निगम की फाइलें प्रदेश सचिवालय में पड़ी हैँ। इधर निर्माण कार्य ठप होने के कारण रूट डायवर्जन से होने वाली लोगों की परेशानी को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कंधिया फाटक से एक बार फिर से आवागमन बहाल किए जाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी से मिले निर्देश के बाद पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन संजीव भारती वर्मा ने बृहस्पतिवार की शाम कंधिया फाटक पहुंचे और गड्ढे को ढकने का कार्य कराया। शुक्रवार की सुबह से ही वाहनों का आवागमन चालू हो गया।
कंधिया फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण बरदहा पाल चौराहा से रूट डायवर्जन किया गया था। इससे वाराणसी जाने वाले राहगीरों को 10 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी होती थी। ऐसे में मरीजों को वाराणसी ले जाने में भी भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। बसों से आवागमन करने वाले स्कूली विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती थी। कालीन निर्यातक हाजी यासर अराफात, निजी बस यूनियन के इंद्रमणि तिवारी, प्रमोद सिंह ने कहा कि फाटक चालू होने से काफी राहत मिलेगी।
प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम आरएस उपाध्याय ने बताया कि दो कार्यदायी संस्थाओं के बीच निर्माण का मामला सचिवालय पहुंचने पर कार्य ठप है। आवागमन की समस्या को देखते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई थी। मामले में प्रमुख सचिव का अंतरिम निर्णय सामने आने पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
आवागमन की समस्या को लेकर हुई शिकायतों पर डीएम गौरांग राठी के निर्देश पर फाटक को खोलवा दिया गया है। अगल-बगल निर्माणाधीन पिलरों के गड्ढों में ट्रैक्टर से मिट्टी पटवा देने से आवागमन के समय वाहनों के पलटने का डर नहीं रहेगा।- एसबी राव, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।