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ढाई माह बाद भी नहीं लगी चकरप्लेट,आवागमन मुश्किल

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गोपीगंज। नगर क्षेत्र के दक्षिणी छोर स्थित प्रमुख गंगा घाट रामपुर में बने पीपा पुल पर ढाई माह बाद भी चकरप्लेट न लग पाने से आवागमन करने वालों की यात्रा मुश्किल होकर रह गई है। लोक निर्माण विभाग पूरी तरह से मौन धारण कर लेने से गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका से भयभीत होकर लोग गंगा पार होने से पैर पीछे खींचने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। समय रहते विभाग ने सुरक्षा और संरक्षा को गंभीरता नहीं लिया तो किसी भी अनहोनी से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बताते हैं कि उक्त पुल जनपद ही नहीं आधा दर्जन से अधिक गैर जनपदों को जोड़कर दर्जनों की संख्या में तटवर्ती गांवों के लोगों का राह तो आसान करता लेकिन विभागीय अनदेखी रास नहीं आ रही है। पुल निर्माण के समय ही विभाग तरह-तरह की अड़चने खड़ा कर गंगा आर-पार होने में परेशानी झेलना लोगों की विवशता बनी रही। किसी तरह पुल होने के बाद गंगा के मझदार वाले हिस्से पर न तो चकरप्लेट बिछ सकी और न सुरक्षा के अन्य मानक तय किए जा सके। पुल बनने के ढाई माह तक स्कूली छात्र-छात्राएं, एक-दूसरे जनपदों को जोड़ने वाले, स्थानीय व्यापारी, सरकारी-अर्ध सरकारी पेशे से जुड़े लोग, साइकिल, पैदल, दो और चार पहिया वाहन सवार चाहकर भी पुल से गुजरना खतरे से खाली नहीं समझ रहे हैं। जबकि इसी पुल से प्रतिदिन मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचने का क्रम चलता रहता है। चकर प्लेट के अभाव में दुर्गम ही यात्रा पर नाराजगी जताते हुए व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने कहा कि यात्रा के समय कोई भी घटना होती है तो लोक निर्माण विभाग ही जिम्मेदार होगा। केंद्र और प्रदेश की सरकार पर भड़ांस निकालते हुए कहा कि भाजपा के दिन भी लद गए हैं। सुवि धाओं के नाम पर हो रही खानापूर्ति को आम जनता भी समझ चुकी है। जनता की जान के साथ हो रहे खिलवाड़ को न रोका जा सका तो सड़क पर उतरना पड़ेगा। पुल की देखभाल कर रहे मेठ रामदुलार ने बताया कि रामपुर घाट के लिए आया चकर प्लेट सीतामढ़ी भेजने से समस्या बनी है। यदि विभाग चकर प्लेट मुहैया कराए तो समस्या का समाधान हो जाएगा।
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