नमामि गंगे योजना के तहत प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर की सीमा तक गंगा में स्वीकृत कछुआ सेंक्चुरी के इको सेंसेटिव जोन का दायरा 10 किमी बढ़ा दिया गया है। इसके चलते भदोही के दो और मिर्जापुर के चार घाटों पर बालू खनन आदि गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इस क्षेत्र में न मछली पकड़ी जा सकेगी और न खनन का पट्टा होगा।
भारतीय वन्यजीव संस्थान ने मार्च 2021 में सर्वेक्षण कराया था। इसमें भदोही के अरई करवधिया से बारीपुर और प्रयागराज के मेजा स्थित कोठरी गांव तक गंगा में 30 किमी क्षेत्र को कछुआ सैंक्चुरी घोषित किया गया है। इसमें छह-छह किमी मिर्जापुर-भदोही और 18 किमी प्रयागराज की सीमा में शामिल है। पहले ईको सेंसेटिव जोन का दायरा एक किमी था। इससे जिले के पुरवा, इब्राहिमपुर गंगा घाट पर बालू खनन हो था लेकिन अब दायरा 10 किमी कर दिया गया है। इसके चलते इन गांवों में खनन पर रोक लगा दी गई है। इसके नए पट्टे पर रोक लग गई।
डीएफओ प्रयागराज का पत्र आने पर खनन विभाग इसको अमली जामा पहनाने में जुट गया है। खनन अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि ईको सेंसेटिव जोन का दायरा 10 किमी बढ़ने से भदोही के दो और मिर्जापुर के भोगांव समेत चार घाटों पर बालू खनन पर रोक लग गई है। बताते चलें कि कछुआ सेंचुरी में संरक्षित होने पर सीतामढ़ी के गंगा नदी में दो साल पूर्व 12 प्रजाति के 462 कछुए छोड़े गए थे।
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इनसेट
कछुआ सेंक्चुरी के लाभ
ज्ञानपुर। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज आर्या ने बताया कि भारत में कछुओं की 29 प्रजातियां पाई जाती हैं। जिनमें 14 सिर्फ गंगा में मिलती हैं। गंगा की सफाई में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कछुआ सेंच्युरी से जैव विविधता बढ़ेगी। गंगा का जल निर्मल होगा। गंगा की निर्मलता को बनाए रखने के लिए कछुओं की भूमिका अहम होती है।
सेंच्युरी के लिए यह होंगे कार्य
ज्ञानपुर। प्रभागीय वनाधिकारी प्रयागराज महावीर ने बताया कि सरकार इस पर ठीकठाक बजट खर्च करेगी। पहले चरण में करीब एक करोड़ और दूसरे चरण में चार करोड़ से अधिक रकम खर्च होगा। गंगा में 50-50 हेक्टेयर के पैच में ड्रेजिंग कराकर दो मीटर गहराई में मिट्टी निकालकर छोटे बंधे और माउंट बनाए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, वाच टावर व इंटरपटेशन सेंटर बनेगा। सेंच्युरी में लखनऊ के कुकरैल से जियोस्लिम्स हैमिलटोनी व पंगशुरा टेंटोरिया प्रजाति के कछुए लाए जाएंगे। इंडियन साफ्टशेल टर्टल, नैरो हेडेड टर्टल भी छोड़े जाएंगे।
पट्टाधारकों पर दो करोड़ बकाया
ज्ञानपुर। कछुआ सेंक्चुरी के कारण पुरवा और इब्राहिमपुर गंगा घाट पर बालू खनन रोक दिया गया है। हालांकि कभी खनन की सूचना मिलती है तो विभाग तत्काल चौकन्ना हो जाता है। खनन अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। अवैध खनन पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पुरवां और इब्राहिमपुर के पट्टाधारकों पर एक-एक करोड़ रायल्टी बकाया है। इसकी वसूली की जाएगी।