मुख्यालय रोड पर आंधी से सड़क गिरा जिला एवं सत्र न्यायालय का बोड।
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ज्ञानपुर। आंधी और ओलावृष्टि ने मेहनतकशों की कमर तोड़ दी है। गेहूं से लेकर दलहन-तिलहन और सब्जियों तक की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों में सब्जियों और तिलहन-दलहन को 50 फीसदी, जबकि गेहूं को 30 फीसदी क्षति पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। जिला प्रशासन ने क्षति की अनुमानित रिपोर्ट शासन को भेज दी है। तेज बारिश और आंधी ने बृहस्पतिवार की रात लगातार दूसरे दिन जिले में भारी तबाही मचाई। सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। तमाम घरों पर पेड़ गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। टीन शेड और ग्लोशाइन बोर्ड तेज हवाओं के साथ उड़कर तीन सौ से चार मीटर दूर तक जाकर गिरे। ओलों की मार से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। तीन से चार इंच तक की साइज के ओले गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों, चना, मटर, अरहन और सब्जी की फसलों को हुआ है। कृषि विभाग के मुताबिक दलहन और तिलहन की फसलों को ओलावृष्टि से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है, जबकि गेहूं की उपज 30 फीसदी तक घटने का अनुमान है। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि क्षति का आकलन कराने का निर्देश दे दिया गया है। मगर किसानों को जल्द क्षतिपूर्ति मिल सके, इसके लिए फौरी तौर पर 30 फीसदी क्षति का अनुमानित आकलन रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। बाद में जब गांव वार अधिक या ज्यादा नुकसान की आकलन रिपोर्ट आएगी तो उस हिसाब से रिपोर्ट भेजी जाएगी। जल्द ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।