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Bhadohi News: ठगी गिरोह का पर्दाफाश, दो अंतर्जनपदीय ठग गिरफ्तार

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ज्ञानपुर। नौकरी और लोन दिलाने के नाम पर झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश किया। अंगूठे के निशान का क्लोन और कुटरचित दस्तावेज बनाकर रूपयों की ठगी करने वाले दो अंतर्जनपदीय ठग को गिरफ्तार किया। वहीं दो की तलाश की जा रही है। पुलिस ने कई उपकरण और जरूरी कागजात बरामद किए। पुलिस ने उनके खातों में रखे 87 हजार भी फ्रीज करा दिया।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश भारती ने बताया कि भदोही कोतवाली क्षेत्र के ह्दयपट्टी निवासी मिश्रीलाल और बिंदू सिंह निवासी कीर्तिपुर ने कोतवाली में तहरीर दिया था कि उनके यूबीआई और एसबीआई के खाते से अलग-अलग तिथियों में पैसे निकाल लिए गए। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। इसी तरह दुर्गागंज के सरायहोला निवासी बर्फी देवी ने भी तहरीर देकर अज्ञात लोगों की ओर से खाते से 20 हजार निकालने की शिकायत की गई। जालसाजी और आईटी एक्ट में केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने साइबर सेल और भदोही पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया। मंगलवार को पुलिस टीम ने भदोही तहसील से सोमवार शमा को शातिर ठग ऋषिराज सिंह निवासी तेजा पुराथाना सोरांव प्रयागराज, रोहित कुमार निवासी बस्ती थाना मधुबन मऊ को गिरफ्तार कर लिया। वहीं शुभम सिंह निवासी भवानीपुर दल्हूपुर प्रतापगढ़, शुभम द्विवेदी निवासी सोबतिया बाग जार्जटाउन प्रयागराज पुलिस को चकमा देकर भाग गए। एसपी ने बताया कि ठगों की निशानदेही पर उत्कर्ष अपार्टमेंट जार्जटाउन चुंगी, प्रयागराज से 194 अदद अंगूठा क्लोन प्रत्येक के साथ आधार नंबर व बैंक के नाम पर्ची तथा फिंगरप्रिंट क्लोन बनाने के विभिन्न उपकरण-पाली स्टैंपर मशीन, प्रिंटर मशीन, लैपटॉप, दो बायोमेट्रिक मशीन मय ओटीजी आदि बरामद किया।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हमारा चार लोगों का एक गिरोह है। हम लोग मिलकर सीएससी सेंटर बनाकर सीधे साधे लोगों को नौकरी एवं लोन दिलाने के नाम पर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड,लाइव फोटो आदि प्राप्त करके एवं भूलेख साईट पर खतौनी आदि सर्च कर रजिस्ट्री का पेपर डाउन लोड कर आधार नंबर लिख लेते हैं। उसके बाद अंगूठे की निशानी की स्क्रीन साट लेकर स्कैनर मशीन से स्कैन कर मोहर बनाने वाले सभी उपकरण का प्रयोग कर अंगूठे का क्लोन तैयार कर लेते हैं। बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से सीएसपी लागिन कर लोगों का पैसा अपने परिचितों के एकाउंट में ट्रांसफर कर लेते हैं। एसपी ने टीम को 25 हजार पुरस्कार देने की घोषणा की। गिरफ्तारी टीम में सुशील त्रिपाठी, मिथिलेश यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी रहे।
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