कोइरौना थाना क्षेत्र के पर्यटनस्थल सीतामढ़ी गंगा में स्नान कर रहे छात्र रंजीत गौड़ उर्फ राजा (18) पुत्र राजेन्द्र गौड़ की डूबने से मौत हो गई। वहीं उसके दो साथियों सचिन सिंह (17) पुत्र हीरो सिंह और शिवम गौड़ (16) पुत्र फूलचंद गौड़ को गंगा घाट पर मौजूद स्थानीय मनीष माझी ने साहस का परिचय देते हुए बचा लिया। गंगा में डूब रहे तीनों साथी कोइरौना थाना क्षेत्र के नारेपार बनिया का तारा गांव के निवासी हैं। डूबे युवक का शव अब तक बरामद नहीं हो सका है। बनिया का तारा निवासी तीनों युवक सोमवार को दोपहर लगभग एक बजे घर से गंगा स्नान करने के लिए निकले थे। गंगा नहाते समय रंजीत गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा उसे बचाने में उसके दोनों साथी सचिन और शिवम भी डूबने लगे। गंगा के गहरे पानी में तीन युवकों को डूबता देख नारेपार मल्लाह बस्ती निवासी मनीष माझी ने साहसिक कार्य करते हुए दो युवकों को बचा लिया। लेकिन रंजीत गहरे पानी में समा गया और लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में गांव के लोग गंगा घाट पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज सीतामढ़ी श्रीप्रकाश मिश्रा हमराहियों के साथ गंगा घाट पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोर लथेरन सिंह, दिनेश बिंद, जोखू, माल्टा, लहरी आदि को गंगा में लापता युवक को खोजबीन में लगाया, लेकिन शाम 6.30 बजे तक सफलता नही मिल सकी। गंगा में लापता छात्र इसी वर्ष दसवीं की परीक्षा पास किया था। रंजीत दो भाइयों और पांच बहनों में सबसे छोटा था। गंगा में लापता हुए युवक की मां शिवदेवी जिगर के टुकड़े के लिए बिलख-बिलख कर बेसुध होती जा रही थी। उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर, नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष कोइरौना मख्खन लाल ने घटनास्थल पर पहुंच कर पूछताछ की।
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इनसेट
सचिन और शिवम के लिए फरिश्ता बना मनीष माझी
सीतामढ़ी। सोमवार दोपहर सीतामढ़ी गंगा में डूब रहे तीन साथियों में दो युवकों सचिन और शिवम गौड़ के जीवन के लिए नारेपार निवासी मनीष माझी फरिश्ता साबित हुआ। घटना के समय मनीष गंगा घाट पर ही मौजूद था। इसी बीच गंगा स्नान कर रहे तीन युवक गहरे पानी में डूबने लगे। युवकों को गहरे पानी मे डूबता देख घाट पर मौजूद लोग शोरगुल मचाना शुरू कर दिए। मनीष ने साहस का परिचय देते हुए गंगा में छलांग लगा दी और डूब रहे तीन युवकों में से दो को बचा लिया, लेकिन रंजीत गहरे पानी मे समा गया। बचाए गए युवक सचिन और शिवम ने अमर उजाला को बताया कि वे सभी कैसे डूबने लगे, कुछ पता ही नहीं चला। बस इतना ही पता चला कि हम दोनों को एक माझी ने डूबने से बचा लिया। उधर मनीष को इस बात का बेहद दुख है कि वह एक युवक को बचा नही सका। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लेखपाल दिवाकर यादव, नारेपार प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह, ब्राह्मण महासभा के पंकज मिश्रा आदि लोग गंगा घाट पर पहुंच गए। शाम लगभग साढे पांच बजे उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर भी गंगा घाट पर पहुंचे।