ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के दरूनहां गांव में चार महीने बाद रूके विकास कार्य को गति मिलेगी। डीएम गौरांग राठी की संस्तुति पर डीपीआरओ संजय कुमार मिश्र ने तीन सदस्यों की टीम गठित कर दी। 17 लाख से अधिक के घपले में ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार अक्तूबर महीने में सीज हो गया था। उसके बाद से ही गांव में सभी कार्य रुक गए थे।
दरुनहा गांव निवासी उपेंद्र सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने 3 मार्च 2023 को जिलाधिकारी को हलफनामा देकर दो पंचवर्षीय में गांव में कराए गए इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय और मनरेगा संबंधित कार्यों में धांधली और गबन का आरोप लगाया गया था। उपायुक्त स्वतः रोजगार, सहायक अभियंता लोक निर्माण एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी की टीम ने मामले की जांच की। पता चला कि स्कूल की बाउंड्री निर्माण में अपनी भाभी के फर्म से ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश सिंह ने ईंट की खरीदारी की, चौरी दरूनहा मार्ग पर जूनियर हाईस्कूल तक चकरोड निर्माण में घटिया ईंटों का इस्तेमाल पाया गया था।
ग्राम पंचायत की जांच में अधिकारियों ने 17 लाख 41 हजार 837 रुपये की धांधली पाई। डीएम गौरांग राठी ने ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज़ करते हुए सचिव,तकनीकी सहायक को निलंबित कर दिया था। विकास कार्य न रूके इसलिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने का निर्देश दिया। करीब चार महीने बाद अब तीन सदस्य जिसमें ओम प्रकाश, सरिता और अंशुमाला की टीम गठित की। डीपीआरओ संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि डीएम के निर्देश पर टीम गठित की गई है। गांव में अधूरे कार्य को पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। बताते चलें कि उसी गांव में 2015 से 2020 और प्रशासक के कार्यकाल में कराए गए कार्य की जांच भी अधिकारियों ने की थी, जिसमें करीब 18 लाख रुपए का गबन पाया गया था। जिसमें पूर्व प्रधान से वसूली और मुकदमा दर्ज करने के साथ ही प्रशासक आदि पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।