ज्ञानपुर। जिले में गंगा से सटे तीन ग्राम पंचायतों में 75 लाख की लागत से अंत्येष्टि स्थल बनाए जाएंगे। इसके लिए 75 लाख रुपये स्वीकृत हो गए हैं। पंचायत राज विभाग ने डीघ और औराई बीडीओ को पत्र लिखकर गांव चयनित करने के लिए पत्र लिखा है। गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाने के लिए सरकार गंभीर है। इसके लिए नमामि गंगे योजना से कृषि, उद्यान, वन सहित अन्य विभाग कार्ययोजना के अनुसार काम कर रहे हैं। पंचायत राज विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत गंगा से सटे गांव में शौचालय आदि भी बनाए गए हैं। गंगा घाटों पर शव के अंतिम संस्कार में दिक्कत न हो इसलिए अंत्येष्टि स्थल बनाए जा रहे हैं। पिछले पांच साल में करीब 21 अंत्येष्टि स्थल बनाए जा चुके हैं। साल 2022-23 में तीन नए अंत्येष्टि स्थल बनाने की स्वीकृति मिली है। जिस पर 75 लाख रुपये खर्च होंगे। एक-एक पर 24 से 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने कहा कि अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए बीडीओ को पत्र लिखा गया है। गांव और जमीन चिह्नित होने पर निर्माण शुरू हो जाएगा। जिले के गंगा किनारे स्थित गांव में गुजरे पांच साल में 21 अंत्येष्टि स्थल स्वीकृत हुए। जिन पर 10 से 13 लाख प्रति स्थल निर्माण पर खर्च किया गया। निर्माण के दौरान ग्राम पंचायतों की ओर से लापरवाही बरती गई। अंत्येष्टि स्थल औश्र गंगा घाट की दूरी करीब 200 से 500 मीटर तक कर दिया गया है। जिससे अधिकतर लोग अंत्येष्टि स्थल की बजाए घाट पर ही अंतिम संस्कार करना मुनासिब समझते हैं। बिहरोजपुर स्थित घाट गंगा की तलहटी से करीब 400 मीटर दूर बना है। जिससे कम ही लोग वहां शव का अंतिम संस्कार करने के लिए पहुंचते हैं। देखरेख का अभाव होने से भी कई स्थल बदहाल हो चुके हैं।