कोरोना वायरस की सामान्य स्थिति के कारण रामलीला मंचन के लिए प्रशासनिक अनुमति मिलने लगी है। अबकी बार कालीन नगरी राममय होगी। समितियां तैयारी में जुट गई हैं। कलाकार रामलीला के लिए रिहर्सल भी शुरू कर चुके हैं। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रामनवमी और विजयदशमी के पूर्व नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों में रामलीला का मंचन होता है। कुछ स्थानों पर चित्रकूट, अयोध्या, वृंदावन तो कुछ जगहों पर स्थानीय कलाकार रामलीला के अलग-अलग किरदार में अभिनय करते हैं। वैश्विक महामारी के कारण वर्ष 2020 में रामलीला का मंचन नहीं हो सका था। जिसके कारण कलाकारों संग रामभक्तों में निराशा हुई थी लेकिन अबकी बार वैक्सीनेशन के कारण कोविड की स्थिति सामान्य हो चुकी है। शासन के निर्देश पर रामलीला मंचन की अनुमति भी मिलने लगी है। जिसको लेकर समितियां काफी उत्साहित हैं। कुछ रामलीला समितियां ऐहतियात के तौर पर इस बार भी मंचन नहीं करेंगी, लेकिन अधिकतर लीला मंचन की तैयारी में जुट गई हैं। औराई के अमीरपट्टी, खमरिया, घोसिया, कैयरमऊ ,महदेपुर, उगापुर, चकजुडावन, नटवां, माधोसिंह, गिर्दबडगांव, सारीपुर, बभनौटी, महाराजगंज, बाबूसराय, ज्ञानपुर में कुरमैचा, सुधवैं, बिछियां, नवधन, गोपीगंज के बघेल छावनी, भदोही में रजपुरा, चौरी, रोटहां, वेदमनपुर सहित अन्य स्थानों पर मंचन होता है। प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो तीनों तहसीलों में करीब 90 स्थानों पर मंचन किया जाता है। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्र ने कहा कि समितियों को अनुमति दी जा रही है। दशकों पूर्व जहां रामलीला हो रही है वहीं अनुमति दी जाएगी।