दुर्गागंज। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव पहल सिंह यादव ने कहा कि वाराणसी- मछलीशहर हाइवे के निर्माण में किसानों संग ज्यादती की जा रही है। एनएचआई संग प्रशासनिक अफसरों की मनमानी से किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर संगठन चुप नहीं बैठेगा। जरूरत पड़ी तो कोर्ट में भी जाएंगे।
वह बुधवार को अभोली के सदलूबीर स्थित संगठन के कार्यालय पर पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 301 में प्रावधान है की भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 के नियम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम पर लागू नहीं होंगे फिर भी सरकार भूमि अधिग्रहण कानून के नियमों का उल्लंघन कर किसानों को उचित मुआवजा नहीं दे रही है। अधिनियम 1984 के अध्याय तीन के नियम 16 में सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन सहित प्रभावित भू स्वामियों की पूर्व सहमति प्रारूप 4 पर प्राप्त करेगी जो कि नहीं की गई। इसके अलावा कई अधिनियम का ध्यान नहीं रखा गया। जिन किसानों की जमीन ली जा रही है उनके जंगल (जिसमें जल व अन्य खनिज संपदा शामिल हैं) व स्थावर (इसमें पेड़ पौधे जंगली पौधे इमारती लकड़ी फलदार वृक्ष)संपत्तियों का भी मूल्यांकन होना चाहिए। विसंगतियां दूर कर ही किसानों को मुआवजा दिलाया जाए। ऐसा न होने पर संगठन पुरजोर विरोध करेगा। इस मौके पर फग्गूराम, सालिक राम, राजेंद्र पाल आदि रहे।