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Bhadohi News: जिले में नहीं है स्किन रोग विशेषज्ञ, ठंड में बढ़ी परेशानी

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ज्ञानपुर। जिले की लगभग 20 लाख आबादी पर एक भी स्किन रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है, जबकि जिले में तीन पद सृजित हैं। जिला अस्पताल में भले ही एक चिकित्सक तैनात है, लेकिन वे चार महीने से छुट्टी पर ही चल रहे हैं। अब तक विभाग की ओर से भी इसको लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
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ठंड का असर बढ़ते ही स्किन की समस्याएं आम हो जाती हैं। स्किन पर रूखापन के अलावा दाग व धब्बे के कारण खुजली की समस्या बढ़ने लगती है। इन दिनों लोगों में स्किन की समस्याएं बढ़ी हैं। जिला अस्पताल में हर दिन 800 से 900 की ओपीडी में 250 से 300 मरीज स्किन की समस्या से जुड़े ही पहुंचते हैं। विडंबना है कि उन्हें वहां से बैरंग लौटना पड़ता है। जिले की आबादी 20 लाख के आसपास होगी। यहां तीन बड़े चिकित्सालय और छह सीएचसी के साथ-साथ 17 पीएचसी और सैकड़ों हेल्थ वेलनेस सेंटर हैं, लेकिन इसमें से कहीं भी स्किन रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल और सौ शैय्या में एक-एक स्कीन रोग विशेषज्ञ की स्वीकृति है, लेकिन इनमें से किसी में भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। ऐसे में लोग या तो निजी अस्पताल जाते हैं या फिर वाराणसी-प्रयागराज पहुंच कर इलाज कराते हैं। जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि चिकित्सालय में स्कीन रोग के एक पद है, उनकी तैनाती है, लेकिन किन्ही कारणों से वे पिछले छह-सात महीने से अवकाश पर हैं। कब तक ज्वाइंन करेंगे ये भी सुनिश्चित नहीं है। एमबीएस अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि यहां एक पद सृजित है, वर्तमान में विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। शासन स्तर से सीधे विशेषज्ञ की तैनाती की जाती है।



अनिश्चितकालीन अवकाश पर हैं चिकित्सक

जिला अस्पताल में छह माह पूर्व स्किन रोग विशेषज्ञ डॉ. आरजू मिश्रा की तैनाती हुई, लेकिन वे ज्वाइंन करने के कुछ दिन बाद से ही पिता की बीमारी का हवाला देकर अनिश्चितकालीन अवकाश पर चले गए हैं। सीएमएम डॉ. राजेन्द्र कुमार के अनुसार अब न तो उनका फोन लगता है और न ही उनकी तरफ से कोई जवाब मिला है। जिला अस्पताल में जब आरजू मिश्रा की तैनाती हुई थी तो सुरियावां, अभोली, ऊंज, चौरी, औराई, गोपीगंज, कोनिया, सीतामढ़ी, भदोही सहित विभिन्न स्थानों से मरीज आते थे, क्योंकि जिला चिकित्सालय में इकलौते स्कीन रोग विशेषज्ञ के थे।
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