बाढ़ की स्थिति समाप्त होने के बाद जगह-जगह पानी जमा है। इससे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इस स्थिति में मलेरिया के साथ-साथ डेंगू जैसी बीमारी का भी खतरा बढ़ गया है। बावजूद इसके जिले के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स नहीं है। यहां तो खून की भी भारी कमी है। सौ यूनिट ब्लड की क्षमता वाले इस बैंक में महज 26 यूनिट ही शेष बचा है। बृहस्पतिवार को महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल पैथालॉजी कक्ष में 77 मरीजों की जांच की गई। इसमें 44 मरीजों का प्लेटलेट्स एक लाख से कम रहा जबकि 33 मरीजों का प्लेटलेट्स 60 हजार से भी कम रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति में एक लाख से ऊपर प्लेटलेट्स का होना जरूरी है। जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में एक भी यूनिट प्लेटलेट्स नहीं है। ऐसे में यदि डेंगूू के मरीज बढ़ेंगे तो मरीजों की जान बचाना मुश्किल हो जाएगा है।