संवाद न्यूज एजेंसी चौरी/ज्ञानपुर। अपने 14 माह के बेटे का शव लेकर एक महिला चौकी पहुंची। उसको दरोगा ने भगा दिया तो महिला ने एसपी कार्यालय पहुंच गई। वहां एएसपी डॉ. तेजबीर सिंह से न्याय की गुहार लगाई।
चंदौली निवासी अजूबी बानो की शादी 23 नवंबर 2014 को चौरी के दानूपट्टी निवासी बबलू के साथ हुई। शादी के पांच-छह सालों तक सबकुछ ठीक रहा। अजूबी अपने मायके गई। वहां से लौटी तो परिवार वालों से विवाद होने लगा। अजूबी ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। आठ साल की नज्जो और छह साल की तब्बसुम के साथ 14 माह के जुड़वां बच्चे हसन और हुसैन। उसकी भाभी भी लगातार उसे धमकी देती और प्रताड़ित करती है। 10 दिन पहले उसने ही उनके दोनों जुड़वा बच्चों को भाभी ने कुछ खिला दिया। दोनों की हालत बिगड़ गयी। दोनों को भदोही के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हुसैन तो ठीक हो गया लेकिन हसन की हालत बिगड़ती गई। दो दिन बाद चिकित्सकों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। बनारस में बुधवार को सुबह 10 बच्चे हसन की मौत हो गई।
उसके बाद वह अपने भाई इकबाल मोहम्मद और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बेटे का शव को लेकर चौरी चौकी पर पहुंची। आरोप है कि यहां तैनात दरोगा ने शिकायत सुनने के बजाय उसकी पिटाई की और भगा दिया। उसके बाद वह परिवार के साथ एएसपी कार्यालय पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजबीर सिंह ने बताया कि महिला की ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं। उसका पति मुंबई रहता है। वह उसे बुलाने पर अड़ी थी। बच्चे की मौत कैसे हुई। इसका पता चिकित्सक की जांच के बाद चलेगा। महिला ने अपनी भाभी पर जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच कराई जाएगी।