सीतामढ़ी। गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी होने लगी है। 1.8 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। गंगा का पानी सीतामढ़ी के मुख्य गंगाघाट महर्षि वाल्मीकि आश्रम के पक्की सीढ़ी तक पहुंच गया है। जबकि धवास अनाथ आश्रम की तीन पक्की सीढ़ियां बाढ़ के पानी में डूब गईं हैं। जलस्तर में बीते तीन दिनों से हो रहे तेज वृद्धि से तटवर्ती इलाकों के लोग चौकन्ने हो गए हैं। महज तीन दिनों में ही जलस्तर में लगभग तीन मीटर की वृद्धि हुई है। गंगा का पानी घाटों पर हिलोरे मारने लगा है। बृृहस्पतिवार को सीतामढ़ी में गंगा का जलस्तर 75.130 मीटर रहा। यहां चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर है जबकि खतरा बिंदु 81.20 मीटर है। सीतामढ़ी गंगा घाट पर पूजा पाठ कराने वाले पंडित घनश्याम दुबे का कहना है कि जलस्तर बढ़ने का क्रम लगातार जारी है। इसके पहले गंगा का पानी तेजी से घाटों की ओर वापस हो गया था लेकिन सोमवार रात से जल स्तर में तेज गति से वृद्धि होने लगी। वर्तमान में गंगा का जल स्तर वर्ष के अधिकतम स्तर तक पहुंच गया । गंगा में धीरे-धीरे बाढ़ की स्थिति आने लगी है। नाविकों ने अपनी नौकाओं को घाटों पर लंगर लगा दी है। इसी तरह गंगा बाढ़ का पानी सीतामढ़ी के उड़िया बाबा आश्रम की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जबकि कोनिया के गंगा कटान प्रभावित गांव छेछुआ, भुर्रा, इटहरा आदि गांव के किसान इस बात को लेकर चिंतित हो गए हैं कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले दो तीन दिनों में ही उनके खेती योग्य जमीनें गंगा कटान की भेंट चढ़ने शुरू हो जाएंगी। अधिशासी अभियंता नहर पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि जलस्तर अभी सामान्य है। अगर पानी का लेबल बढ़ेगा या दिक्कत होगी तो उसकी तैयारी पहले से पूर्ण हो चुकी है।