इस दौरान उन्हें प्रपत्र भरने की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षक महेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वह विद्यालय का माहौल बेहतर करें। शासन से मिलने वाली सुविधाओं, एमडीएम से जुड़ी जानकारियों को अभिलेखों में समय-समय पर दर्ज करें। विद्यालय के पठन-पाठन की स्थिति के बारे में भी संबंधित प्रपत्रों में भरा जाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद रहे।