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Bhadohi News: पारा लुढ़का, न बने रैन बसेरे और न ही अलाव की व्यवस्था

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ज्ञानपुर। जिले की ज्ञानपुर नगर पंचायत को छोड़कर अन्य पालिका एवं नगर पंचायतों में अभी तक रैन बसेरा नहीं बनाया गया। जिससे ठंड में ईधर-उधर टहलने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक अलाव एवं रैन बसेरे की व्यवस्था न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। दूसरी तरफ परिषदीय स्कूलों के 16 हजार बच्चों के खाते में अब तक स्वेटर का पैसा नहीं पहुंच पाया है। जिससे ठंड में नौनिहाल ठिठुरने को मजबूर होंगे।
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जनपद में अचानक से तापमान गिरने के कारण ठंड बढ़ी है। जिले के निकायों में रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। निकाय प्रशासन की उदासीनता के कारण निकायों में अब तक ठंड से निपटने के इंतजाम नहीं हो सके हैं।कालीन नगरी में सोमवार को दिनभर काले बादल छाए रहे। जिससे लोग अलाव के पास बैठकर दिन बिताया। जिले में भदोही और गोपीगंज नगर पालिका के साथ ही ज्ञानपुर, सुरियावां, नईबाजार, घोसिया और खमरिया नगर पंचायत है। इन सातों निकायों में केवल ज्ञानपुर नगर पंचायत में अब तक रैन बसेरे का इंतजाम है, शेष किसी भी नगर पंचायत में न तो रैन बसेरा बन सका है और न ही अलाव की व्यवस्था की जा सकी है। जिले में अब धीरे-धीरे ठिठुरन भरी ठंड शुरू हो चुकी है। जिससे निपटने के निकायों में इंतजाम नाकाफी है। निकायों में जिम्मेदारों का कहना है कि अभी ठंड और बढ़ने पर व्यवस्थाओं को दुरूस्त कर लिया जाएगा। ज्ञानपुर में रैन बसेरा तो है, लेकिन 50 बेड का रैन बसेरा 30 बेड का बन चुका है। गोपीगंज, भदोही, सुरियावां, नईबाजार, घोसिया और खमरियां में न तो रैन बसेरा बना है और न ही अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। ज्ञानपुर के ईओ राजेंद्र दूबे ने बताया कि नगर में शेल्टर होम है। इसी को रैन बसेरा बनाया जाता है। वहां व्यवस्थाएं सृदृण कर दी गई है। वहीं अलाव की व्यवस्था भी एक-दो दिन में कर ली जाएगी। भदोही नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रविशंकर शुक्ला और नई बाजार के ईओ सुजीत कुमार ने बताया कि आने वाले ठंड को देखते हुए नगर पालिका ने पूरी तैयारी कर ली है। अलाव के लिए लकड़ी और रैन बसेरा संचालन के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया कर ली गई है। सुरियावां में दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह तक ठंड तक व्यवस्थाएं दुरूस्त कर ली जाने की बात बतायी गई। वहीं गोपीगंज, घोसिया और खमरिया के ईओ के अनुसार अभी ठंड उतना नहीं पड़ रहा है। शासन का निर्देश मिलने के बाद ही व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।

इनसेट:
इंपैक्ट:
रैन बसेरा में व्यवस्थाएं हुई दुरुस्त:
ज्ञानपुर। नगर में शेल्टर होम है, जहां कुल 20 बेड़ है। इसमें से अधिकांश बेड़ बदहाल स्थित में पडे थे। जिसे लेकर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद नगर पंचायत ने तत्काल उसका मरम्मत कार्य करवा कर सारे बेड़ दुरुस्त करा दिया गया है। शेल्टर होम में तैनात केयर टेकर मिठाई लाल बिंद ने बताया कि सारे बेड़ दूरुस्त है। अलाव की अभी व्यवस्था नहीं है, लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह तक हो जाएगा। कुल 20 बेड़ है, जिसमें से 16 पुरुष और चार महिलाओं के लिए संरक्षित है।
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16 हजार बच्चों के खाते में नहीं पहुंचा स्वेटर का पैसा
जिले में परिषदीय विद्यालयों के 16 हजार बच्चों के खाते में अब तक डीबीटी का पैसा नहीं पहुंच सका है। जिसके कारण उनको ठंड में स्वेटर, मोजा और जूता नहीं खरीद पाएंगे। डीबीटी न होने के कारण ठंड वे बिना स्वेटर के ही ठिठुरने को मजबूर होंगे। बीएसए भूपेन्द्र नारायण सिंह ने बताया कि शासन स्तर से डीबीटी की जा रही है। तीन चरण में डेढ़ लाख बच्चों को डीबीटी मिल चुकी है। 16 हजार बच्चे और शेष हैं। शासन से ही उनके अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
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