फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: सामने वाले को प्रभावित करती है हमारे चेहरे की मुस्कान

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। बदलती जीवनशैली से लोग बेहत व्यस्त रहते हैं। इस कारण लोग परिवार को भी पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। इससे अकेलापन और अवसाद की समस्या सामने आ रही है। मोबाइल फोन पर बढ़ती निर्भरता ने भी परिवार में संवाद हीनता की स्थिति बना दी है। इसके कारण लोगों का एक-दूसरे के साथ हंसना बोलना भी कम होता जा रहा है। तमाम रिसर्च में यह साबित हुआ है कि हमारे चेहरे की मुस्कान सामने वाले को काफी प्रभावित करती है। खुश कैसे रहा जाए और यह क्यों जरूरी है, इसके महत्व को दर्शाने के लिए हर साल 20 मार्च को इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस मनाया जाता है। नैदानिक मनोचिकित्सक डॉ. अशोक परासर कहा कि हर काम का मकसद खुश रहना होता है। चाहे वह पैसे कमाने की बात हो या कॅरियर बनाने की। कहा कि इंसान अपने जीवन में सबकुछ खुश रहने के लिए ही करता है। लगातार अपने आप में खोए रहने से वही उसे नहीं मिल पाता है। कहा कि खुश रहने का सबसे बड़ा पैमाना स्वस्थ रहना है। एक स्वस्थ शरीर हमारे मन को भी स्वस्थ रखती है। इससे हमारे अंदर नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती। बताया कि कोई भी व्यक्ति बेमतलब खुश या दुखी नहीं हो सकता है। उसके पीछे एक कारण होता है। खुशी महसूस कराने वाले हॉर्मोन का नाम डोपामिन है। हमें खुश रहने के लिए एक दूसरे से जुड़े रहना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें