ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नवप्रवर्तन परिषदकी ओर से दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों को बिजनेस की बारीकियां सिखाई गईं। मुख्य वक्ता स्वर्णिम यूनिवर्सिटी फ़ॉर इन्नोवेशन, गांधीनगर गुजरात की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निवेदिता द्विवेदी ने बिल्डिंग एन ईनोवेशन प्रोडक्ट फिट फार मार्केट विषय पर प्रकाश डालते हुए ओला और टेस्ला जैसी महत्वपूर्ण बिजनेस कंपनियों के बाजार स्ट्रेटजी का उदाहरण दिया कि किस प्रकार एक इनोवेटर को पहले अपने आइडिया के साथ मार्केट रिसर्च करना जरूरी होता है। जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एचबी सिंह ने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार न केवल स्टार्टअप बल्कि किसी भी डिजाइनकर्ता, लेखक या नयी प्रविधि के अन्वेषक के लिए आवश्यक है। बुद्धि के माध्यम से नई सोच या प्रविधि के कारण जो संपदा सृजित होती है उस पर उसके सृजनकर्ता को अधिकार प्रदान करने के लिए विश्वव्यापी प्रावधान बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पेटेंट के मामले में हमारा देश अंतरराष्ट्रीय तुलना में बहुत पीछे है। चीन हमसे बहुत आगे है। विश्व में पेटेंट की होड़ मची है। अकेले मोबाइल के लगभग ढाई लाख पेटेंट हैं। प्राचार्य डॉ. प्रदीप नारायण डोंगरे ने महाविद्यालय के आईआईसी की गतिविधियों पर चर्चा की। इस मौके पर डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ. अभिमन्यु यादव आदि रहे।