ज्ञानपुुर। गर्मी बढ़ते ही अब संक्रामक व अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। तन झुलसा देने वाली गर्मी और उमस ने अभी से लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिन में सूरज की तेज तपिश से घर के अंदर भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। वहीं आसमान में दहकते सूरज व लू के थपेड़ों के बीच डायरिया उल्टी, दस्त, बुखार व हीट स्ट्रोक का कहर बढ़ गया है। इस वजह से ज्यादातर लोग बीमारियों की चपेट में आकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। मौजूदा समय में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है दिन में गर्म हवाएं चल रही है। जबकि शाम को भी गर्मी व उमस अपना असर दिखा रही है। आमतौर पर फरवरी के बाद धीरे-धीरे गर्मी का अहसास होने लगता है । इस बार मार्च में तापमान 41.7 डिग्री सेल्यिस रिकॉर्ड किया गया । जबकि पिछले साल 28 मार्च के आसपास 35.8 डिग्री सेल्यिस रिकॉड किया गया था। इस संबंध में मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार गर्मी अधिक पड़ सकती है। अस्पतालों में डायरिया, वायरल फीवर सर्दी, खांसी, उल्टी, दस्त के मरीज पहुंच रहे है। इस दौरान दोपहर में सड़कें सूनी नजर आती हैं। लोग केवल जरूरी काम के लिए बाहर निकलने को मजबूर है। धूप से बचने के लिए लोग सिर पर टोपी या गमछा लगा कर निकल रहे हैं। शाम पांच बजे के बाद ही धूप की तपिश कम हो रही है।