ज्ञानपुर के संकलन केंद्र पर बाइक से कापियां लेकर जाते कर्मचारी। संवाद
ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक लाने में मानकों की अनदेखी की जा रही है। उत्तरपुस्तिकाओं को बाइक की डिकी और हैंडल में लटकाकर बिना सुरक्षा के संकलन केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। परीक्षा खत्म होने पर सुरक्षा के सारे दावे खत्म हो जा रहे हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हुईं हैं। पहले दिन ही लापरवाही की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिन्हें देखकर लग रहा है कि जिम्मेदार नियमों का पालन नहीं करा पा रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले दावा किया गया था कि एसटीएफ और एलआईयू की टीमें निगरानी करेंगी। शुक्रवार को दूसरे पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाइक और मोपेड से संकलन केंद्र तक उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचाई गईं। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को संकलन केंद्र बनाया गया है। पहली पाली में दोपहर 12 बजे के बाद और शाम को साढ़े पांच बजे के बाद उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचनी शुरू हो गईं। बाइक और मोपेड से सील बंद कॉपियां लेकर कर्मचारी पहुंचे। सवाल यह है कि परीक्षा केंद्र के अंदर सीसीटीवी, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक से लेकर कक्ष निरीक्षक तक की तैनाती की गई है तो उत्तरपुस्तिका को परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक बिना सुरक्षा के क्यों भेजा जा रहा है। नियम यह है कि इन कॉपियों को संकलन केंद्र तक बंद गाड़ियों से ही पहुंचाया जाए।