जिले के दो बड़े अस्पतालों पर इन दिनों अल्ट्रासाउंड कराने को लेकर मरीज परेशान हो रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, ज्ञानपुर और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय एक ही रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे पर चल रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर जाने के बाद समस्या बढ़ गई है। अस्पताल में बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही मरीजों को वापस जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वे 29 जून तक अवकाश पर हैं।
कालीन नगरी में एमसीएच और एमबीएस के साथ सौ शैय्या चिकित्सालय को मिलाकर कुल तीन बड़े चिकित्सालय हैं। इसमें सौ शैय्या चिकित्सालय को छोड़कर एमसीएच और एमबीएस में अल्ट्रासाउंड होते हैं। एमसीएच में जहां 800 से 900 तो वहीं एमबीएस में रोजाना 600 से 700 मरीजों की ओपीडी होती है। ऐसे में हैरत की बात ये है कि पूरा जिला सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे चल रहा है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके पांडेय सप्ताह में तीन दिन एमसीएच और दो दिन एमबीएस में बैठते हैं। फिलहाल वे 29 जून तक छुट्टी पर हैं। ऐसे में जिला चिकित्सालय में दूर-दूर से अल्ट्रासाउंड को पहुंच रहे मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। इस समय अल्ट्रासाउंड सेंटर के सामने उनकी अवकाश पर होने की पर्ची चस्पा की गई है। सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि निजी कारणों से रेडियोलॉजिस्ट 29 जून तक अवकाश पर है। इसकी सूचना सेंटर के सामने पर्ची पर लगा दिया गया है। वे 30 जून से ड्यूटी पर आएंगे।
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दूर-दूर से पहुंचते हैं मरीज
ज्ञानपुर। शासन व जिला प्रशासन स्तर से सरकारी चिकित्सालयों में प्रसूता महिलाओं के लिए सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया गया है, लेकिन विडंबना है कि एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे पूरा जिला संचालित होता है। ज्ञानपुर स्थित एमसीएच में ऊंज, सीतामढ़ी, औराई, घोसिया, गोपीगंज, कौलापुर, वहिदानगर, खमरिया जैसे दूर दराज क्षेत्रों से प्रसूता महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचती हैं। वहीं भदोही के एमबीएस में भी सुरियावां, चौरी, दुर्गागंज, मोढ़ और अभोली जैसे क्षेत्रों से लोग अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं। ऐसे में जब वे तपती धूप के बीच अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंच रहे हैं तो रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश की जानकारी होते ही मायूस होकर या तो घर लौट जाते हैं या फिर निजी चिकित्सालय की ओर रूख करते हैं। संवाद