ज्ञानपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पिपरिस में महिला उत्पीड़न के मामले में प्रधानाचार्य की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। आठ महिला अनुदेशकों ने प्रधानाचार्य पर मानसिक एवं आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए संयुक्त निदेशक, निदेशक को पत्र लिखा था। इसमें निदेशक ने निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए विशेष सचिव व्यवसायिक शिक्षा को पत्र लिखा है। आईटीआई में तैनात महिला अनुदेशक माधुरी, मंजू, वीणा मौर्य, स्नेहलता, प्रगति रावत, पुष्पलता, मीनाक्षी सेन गुप्ता और पूनम यादव ने निदेशक को दिए पत्रक में आरोप लगाया था कि महिला कर्मचारियों का प्रधानाचार्य आर्थिक एवं मानसिक शोषण करते हैं। वह हमेशा महिला कर्मियों के आसपास ही रहते हैं। इससे अनुदेशकों को प्रशिक्षण कार्य करने में परेशानी होती है। इससे उनमें अवसाद का माहौल है। अवसाद का स्तर इस कदर है कि किसी भी समय महिला कर्मचारी आत्महत्या जैसे घातक कदम उठा सकती हैं। निदेशालय ने शोषण की शिकायतों को गंभीरता से लिया। निदेशक अभिषेक कुमार सिंह ने विशेष सचिव को भेजे पत्र में प्रधानाचार्य आवास होते हुए रेस्ट रूम लेकर एचआरए प्राप्त कर रहे हैं। जिसे अनियमितता माना गया है। मामले में प्रधानाचार्य के निलंबन की संस्तुति की गई है।
महिला अनुदेशक समय से संस्थान में समय से पढ़ाने नहीं आती हैं। प्रधानाचार्य हटाओ अभियान के तहत सभी आरोप लगा रही हैं। सभी आरोप निराधार हैं।
- संतोष कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई