ज्ञानपुर। ठेकेदारों के भुगतान में जीएसटी का अनुपालन न करने और मैकेनिकल जेई से सिविल का कार्य लेने के मामले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता की मुश्किलें बढ़ गई हैँ। मुख्य अभियंता लखनऊ विजेन्द्र कुमार ने इस मामले को लेकर जेई तलब किया है। इसके अलावा विभाग में कार्यरत लेखाधिकारी के 84 दिन से अवकाश पर रहने के मामलों को लेकर भी सवाल पूछा है। प्रखंडीय लेखाधिकारी ने छह सितंबर 2022 को मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर आरोप लगाया गया था कि हरिहरपुर-चखुसही की चौहान बस्ती तक दो सौ मीटर इंटरलाकिंग की माप अलग-अलग मानकों से की गई। इसमें अधिशासी अभियंता विभागीय मानक पूरा न करते हुए ठेकेदार को भुगतान कर रहे हैं। शिकायत के बाद सितंबर माह में अधीक्षण अभियंता विंध्याचल मंडल बैठक लेने आए थे। जहां दो जीएसटी नंबरों से भुगतान को लेकर विभागीय कर्मचारियों ने आपस में मारपीट कर ली। अभी यह मामला चल ही रहा था कि विभाग में मैकेनिकल जेई से ठेकेदारों का भुगतान करा दिया गया। विभाग में लगातार चल रही उठापटक के बीच लेखाधिकारी लंबी छुट्टी पर चले गए। इसका परिणाम रहा कि अब तक वित्तीय वर्ष 2022-23 में आवंटित धनराशि का लेखाजोखा अपूर्ण है। इन्हीं सब मामलों को लेकर मुख्य अभियंता लखनऊ ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता से सवाल-जवाब किया है। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण अख्तर अली अंसारी ने बताया कि मुख्य अभियंता की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब निर्धारित समय में दे दिया गया है।