क्षेत्र के सदलूवीर बाजार में शुक्रवार को भारतीय किसान संयुक्त मजदूर यूनियन की पंचायत हंगामेदार रही। मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष बृजकिशोर यादव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार किसान विरोधी है। सरकारें किसानों का हित चाहती हैं तो वर्षों से धूल फांक रही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर दिखाएं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू होने पर किसानों की समस्याएं समाप्त हो सकती है।
आजादी का 75 वर्ष होने के बाद भी किसान परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली फ्री नहीं पा सके हैं। यह कैसा अमृत महोत्सव है जिस देश में पानी का घड़ा छूने पर मौत की सजा दे दी जाती है। केंद्र और प्रदेश की वर्तमान की सरकार कोई ऐसी नीति नहीं बना सकी हैं जिससे आम जनता को राहत मिले सके, सिर्फ पूर्व की बनी नीतियों को बिगाड़ने का कार्य किया जा रहा है। कर्ज के नाम पर पूंजीपतियों को सहूलियत मिल रही है किसानों को नहीं।
कृषि उपकरणों पर जीएसटी लगाने से उपकरण महंगे हो गए हैं, किसान खरीफ, रबी के सीजन में खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई, जलजमाव से राहत पाने के लिए परेशान हैं। सरकार पूंजीपतियों के 11500 लाख करोड़ कर्ज को माफ कर रही है। सरकार की उपेक्षात्मक नीतियों का परिणाम है कि महंगाई से हर कोई परेशान है।
पूर्वांचल प्रभारी शेषनाथ यादव ने कहा कि किसान विरोधी सरकार अपने ही कर्तव्य को नहीं समझ सकी है तो धरने से हटाने वाले किसानों की बातें कैसे मान लेगी। किसान न कृषि बीमा का लाभ पा रहे हैं न प्राकृतिक क्षतिपूर्ति। खाद की बोरियों से लेकर विभागों तक बीमा के नाम पर फाइलें कूड़ेदान में पड़ी हैं। प्रदेश अध्यक्ष के साथ किसानों ने छह सूत्री मांगपत्र तहसीलदार भदोही सत्यपाल प्रजापति, बीडीओ आरके मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक दुर्गागंज चित्रकूट पुरी को सौंपा। आकाशवाणी के कलाकार गुलाबचंद्र विश्वकर्मा ने अपनी रचनाओं से किसानों पर आधारित लोकगीत सुनाया। इस मौके पर एके चौबे, मल्लूराम बिंद, हरिहर सिंह यादव, शेषनाथ यादव, शालिग्राम यादव, सुरेशचंद्र मौर्य, मनीराम यादव, दौलत यादव, अशोक कुमार यादव, श्यामधर यादव, रामबाबू बिंद, राजेंद्र पाल, हंसा देवी, मीरा देवी, शरदचंद्र बिंद आदि रहे।