दुर्गागंज। थानाक्षेत्र के कुढ़वा गांव में शनिवार शाम को छप्पर की दीवार गिर गई। इसमें दबकर कविता (45) की मौत हो गई। घटना से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आर्थिक रूप से कमजोर कविता के पति की छह माह पूर्व मौत हो गई थी। कविता किसी तरह बच्चों को लेकर छप्पर के नीचे जीवन यापन करती थी। शनिवार शाम को वह छप्पर में बैठकर कुछ कार्य कर रही थी कि अचानक उसकी दीवार गिर गई। इससे कविता दीवार मलबे में दब गई। शोरगुल होने पर आसपास के ग्रामीणों ने उसे मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कविता के तीन बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी हो चुकी है जबकि तीनों बेटे अभी पढ़ रहे हैं। पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। मां की मौत होने पर बच्चे अनाथ हो गए।