मछलीशहर, भदोही वाया वाराणसी हाईवे की जद में आए गांवों के काश्तकारों को मुआवजे का रास्ता साफ हो गया है। भूमि अध्याप्ति विभाग ने प्रथम चरण में 16 गांवों के काश्तकारों की सूची तैयार कर ली है। इन गांवों के काश्तकारों को 106 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाएगा। हाईवे की जद में जिले के कुल 51 गांव शामिल हुए हैं। जिसमें कुल 2400 काश्तकारों की भूमि अधिग्रहित की गई है। शेष काश्तकारों को दूसरे चरण में मुआवजे की राशि दी जाएगी।
मछलीशहर, भदोही वाया वाराणसी हाईवे दो साल पहले स्वीकृत किया गया था। 86 किमी के इस हाईवे संख्या 731बी की कुल लागत 640 करोड़ रुपये आंकी गई है। गौर करने वाली बात है कि इस हाईवे की कुल लंबाई 86 किमी है। इसमें 35 किमी हाईवे जिले की सीमा से होकर गुजरेगी। 2021 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए फोरलेन हाईवे के निर्माण की घोषणा की थी। इस हाईवे में भदोही तहसील के कुल 51 गांव शामिल हो रहे हैं, जिसमें लगभग 2400 काश्तकारों को मुआवजा दिया जाना है। बीते एक साल से चल रहे सर्वे कार्य के बाद भूमि अध्याप्ति विभाग भूमि अधिग्रहण समेत आपत्ति दर्ज कराने, निस्तारण की प्रक्रिया समेत अन्य कार्य कर रहा है। प्रथम चरण में 16 गांवों के काश्तकारों की सूची तैयार हो चुकी है। इन 16 गांवों के काश्तकारों को 106 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किए जाएंगे।
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इन 51 गांवों की 102.6919 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित
ज्ञानपुर। एक वर्ष तक चले सर्वे कार्य उसके बाद भदोही तहसील के भंडा, शेरपुर गोपलहां, मिश्राईनपुर, मसूधी, गौरा, हरिकरनपुर, सरायभावसिंह, छनौरा, बिहियापुर, कौवापुर, सुरियावां-जोरावर सिंह, मलेपुर, छपरिया, महुआपुर, चकिया-उदईकापुरा, देवदासपुर, कस्तूरीपुर, चकचंदा, बनकट-हरि पट्टी, सरायक्षत्रशाह, हरिपट्टी, मकनपुर, चकजीवरानी, नरोत्तम-चमरुपट्टी, सियरहा, उगई का पुरा, डूड़वाधर्मरपुर, नेवादाकला, नयनपुर, पिपरिस, किशुनपुर-टेकारी, रयां, पिपरी, धौरहरा, जमुनीपुर, लखनपुर-अभयनपुर, रेवड़ापरसपुर, भिखारीपुर, मानिकपुर, समालकोट, वेदमनपुर, कोल्हड़, चौरीखास, चकभुईधर, चौरीदानूपट्टी, बरदहां, लक्षापुर, अमवांकला, कंधिया, धनापुर, गोडामीर-ईमामली की कुल 102.6919 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है। जिसकी फाइनल रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। संवाद
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इनसेट-
अक्तूबर से होगा निर्माण कार्य, तैयारियां पूरी
ज्ञानपुर। वाराणसी-भदोही वाया मछलीशहर की 86 किमी की दूरी चालक को तय करने होते हैं। फोरलेनयुक्त हाईवे बनकर तैयार होने पर वही दूरी तय करने में काफी कम समय लगेगा और जाम जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। हाईवे निर्माण में रेलवे ओवरब्रिज भी शामिल हैं। अक्तूबर से हाईवे का मुख्य निर्माण कार्य शुरू होगा। अभी तक नामित कार्यदायी संस्था अधिग्रहित भूमि पर व्यवधान बने हरे पेड़, पुल, गड्ढों का मरम्मतीकरण कराया जा रहा है। संवाद